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क्या आप सुबह उठकर अपना बिस्तर ठीक करते हैं?

कुछ व्यावहारिक आदतें, जो आपके दिन को सहज, सकारात्मक और तनाव मुक्त बनाएंगी

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
November 3, 2023
in ज़रूर पढ़ें, मेंटल हेल्थ, हेल्थ
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क्या आप सुबह उठकर अपना बिस्तर ठीक करते हैं?
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क्या आप उन लोगों में से हैं, जो चाहते हैं कि सुबह उठने के बाद आपका पूरा दिन तनाव मुक्त और सहज बीते? तो आप सही आलेख पर हैं. कहते हैं न कि सही शुरुआत यानी आधा मैदान मार लेना इसी तर्ज पर यहां हम आपको कुछ छोटी-छोटी, लेकिन बेहद कारगर बातें बता रहे हैं, जिन्हें यदि आप सुबह-सुबह अपना लें तो आपका पूरा दिन न केवल सहज और तनाव मुक्त गुज़रेगा, बल्कि बहुत प्रोडक्टिव भी गुज़रेगा.

यदि आप उन लोगों में से हैं, जो सुबह अलार्म लगाकर उठते हैं और बिस्तर से उठते ही भागते हुए वॉशरूम का रुख़ करते हैं, फिर जल्दी से फ्रेश होकर नाश्ता किसी तरह चबाते हुए अपने काम पर निकल जाते/जाती हैं तो हम यक़ीन के साथ कह सकते हैं कि आपका दिन तनाव भरा ही गुज़रता होगा. हर काम को जल्दी ख़त्म करने की हड़बड़ी होती होगी और इस हड़बड़ी में कई काम गलत भी हो जाते हों या फिर कुछ काम छूट भी जाते होंगें. और ये काम आपके तनाव को और भी बढ़ा देते होंगे.

साथ ही, यदि हम आपसे यह कहें कि इन चीज़ों को ज़रा सी कोशिश कर के इस तरह फ़क्स किया जा सकता है कि आपका पूरा दिन सहज और तनाव मुक्त बीतेगा तो क्या आप हमारा विश्वास करेंगे/करेंगी? चलिए, हम आपको यह भी कह देते हैं कि हमारी बात पर भरोसा तभी कीजिए, जब नीचे बताई गई बातों को आप केवल दो दिन के लिए अपना लें… क्योंकि आपको भले ही न हो, पर हमें पूरा भरोसा है कि ये बातें आपके दिन को सहज बनाने में बेहद कारगर साबित होंगी और इनका असर आपको पहले दिन से ही नज़र आने लगेगा.

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बस 20 मिनट पहले
क्या आप जानते हैं कि जब हम अपने कामों को सिलसिलेवार तरीक़े से ख़त्म करते हैं तो उससे मिलने वाली संतुष्टि हमारे मन को ख़ुश करती है और तनाव को कम कर देती है. सुबह के समय हम सभी को घर पर ढेर सारे काम भी होते हैं और समय पर काम पर पहुंचने की चुनौती भी होती है. अत: रोज़ आप जिस समय पर सोकर उठते/उठती हैं, उससे केवल 20 मिनट पहल उठना शुरू कर दें. ये 20 मिनट आपसे कोई भी नहीं छीन सकता और ये 20 मिनट आपके पूरे दिन को तनाव मुक्त बनाने का काम करेंगे.

बिस्तर पर लेटे-लेटे
नींद खुलते ही या अलार्म बजते ही हम उठ तो नहीं जाते. उसे बंद कर के वापस सो जाते हैं. इस अधखुली सी नींद में, बिस्तर पर लेटे-लेटे, आंखें बंद किए या फिर खोलकर भी थोड़ी-सी शुक्रगुज़ारी से दिन की शुरुआत करें. उन सभी चीज़ों के लिए कृतज्ञ महसूस करें, जो आपके पास हैं, जैसे- आपका जीवित होना, नई सुबह देख पाना, आपका स्वस्थ होना, सिर के ऊपर छत का होना, दोनों समय भोजन मिलना, परिजनों के साथ होना वगैरह. जब हम शुक्रगुज़ार होते हैं तो कृतज्ञता का यह भाव हमें चिंता से मुक्त करता है. न्यूरोसाइंस ने भी इस बात को स्वीकार किया है. जब हम कृतज्ञ होते हैं तो हमारे मस्तिष्क में डोपामाइन और सेरोटोनिन का स्राव होता है, जो हमें बेहतर महसूस कराते हैं.

पानी पिएं
यह तो आपने पढ़ा ही होगा कि सुबह उठकर पानी पीना चाहिए. यह सेहत के लिए, हमारे पाचन-तंत्र के लिए अच्छा होता है. पर हमारी सलाह है कि सुबह उठकर, अपने बिस्तर या कमरे में रखे सोफ़े पर बैठकर पानी पिएं, खड़े होकर कभी नहीं. इसकी दो वजहें हैं: पहली ये कि पानी इत्मीनान से पी सकेंगे और दूसरी यह कि यह आपके घुटनों के लिए बेहतर होता है.

बिस्तर बनाएं
उठने के तुरंत बाद अपने बिस्तर पर ब्लैंकेट को तह करें, चादर पर पड़ी सलवटों को झटकार कर ठीक करें और तकिए को सही जगह रखकर बिस्तर बनाएं. चाहे आपके घर में यह काम पहले कोई और करता रहा हो, जैसे- आपकी मां, बहन या फिर हाउस हेल्प, लेकिन अब यह काम करना अपनी आदत में डाल लें. इसके बारे में अपनी किताब मेक योर बेड  में बतौर नेवी सील काम कर चुके अमेरिकी लेखक ऐड्मिरल विलियम मक्रावन बताते हैं कि अपने दिन की शुरुआत हमें किसी काम को ख़त्म करके करनी चाहिए. इससे हमारे दिमाग़ को परिपूर्णता का एहसास होता है, जैसे हमारी टूडू लिस्ट में से एक काम पूरा हो गया हो. सुबह-सुबह एक काम पूरा कर लेने का एहसास आपके मस्तिष्क को दिन भर के लिए सकारात्मक बना देता है और दिन की यह पहली पॉज़िटिविटी आपके पूरे दिन को तनाव मुक्त करने की शुरुआत कर देती है.

चाय या कॉफ़ी इत्मीनान से पिएं
यदि आप चाय या कॉफ़ी या फिर नींबू पानी पीने के शौक़ीन हैं तो सुबह का एक प्याला केवल अपने साथ पिएं, इत्मीनान से पिएं और हड़बड़ी बिल्कुल न करें. चूंकि आप 20 मिनट पहले उठ गए/गई हैं आपके पास अपने साथ बैठकर चाय पीने का समय निकल आएगा. चाहें तो चाय/कॉफ़ी पीते हुए पूरे दिन के कामों के लिए टूडू लिस्ट बना लें या फिर अख़बार के उस कॉलम को पढ़ने का मज़ा लें, जिसमें आपको आनंद आता है. हां, मोबाइल को इस समय तक ख़ुद से दूर ही रखें.

केवल 20 मिनट जल्दी उठकर यदि आप ऊपर बताई गई बातों को केवल दो दिनों के लिए भी अमल में ला पाएं तो आपको इसके नतीजे दिखाई दे जाएंगे और आप अपने दिन की शुरुआत हमेशा इस तरह कर पाएंगे/पाएंगी कि पूरा दिन सहज और तनाव मुक्त बीते

फ़ोटो: फ्रीपिक 

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हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.

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हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

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