• होम पेज
  • टीम अफ़लातून
No Result
View All Result
डोनेट
ओए अफ़लातून
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक
ओए अफ़लातून
Home सुर्ख़ियों में

किताब उत्सव: साहित्य, संगीत और रंगमंच की प्रस्तुतियों के साथ हुआ समापन

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
February 11, 2026
in सुर्ख़ियों में, ख़बरें
A A
किताब उत्सव: साहित्य, संगीत और रंगमंच की प्रस्तुतियों के साथ हुआ समापन
Share on FacebookShare on Twitter

राजकमल प्रकाशन समूह द्वारा मुंबई के पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी में आयोजित पांच दिवसीय किताब उत्सव का अंतिम दिन साहित्य, संगीत और रंगमंच की विविध प्रस्तुतियों से सराबोर रहा.

कार्यक्रम की शुरुआत काव्य-पाठ से हुई जिसमें विजय कुमार, अनूप सेठी, विनोद दास, राकेश शर्मा, संजय भिसे, हृदयेश मयंक और हरि मृदुल ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं. सत्र का संचालन रमन मिश्र ने किया.

दूसरे सत्र में ‘कहानी-चर्चा’ में ममता सिंह ने धीरेन्द्र अस्थाना, मनोज रूपड़ा और मिथिलेश प्रियदर्शी से उनकी रचना-प्रक्रिया, लेखकीय दृष्टि और समकालीन कथा साहित्य पर संवाद किया. इस दौरान धीरेन्द्र अस्थाना ने कहा, मैं अपनी पसंद के लेखकों को खोज-खोजकर पढ़ता हूं. उन्होंने लेखन को सतत सीखने की प्रक्रिया बताया. मनोज रूपड़ा ने कहा कि कहानीकार का सबसे बड़ा दायित्व अपने समय और समाज के यथार्थ को ईमानदारी से दर्ज करना है. मिथिलेश प्रियदर्शी ने कहा कि आज की कहानियों को केवल तकनीक नहीं, बल्कि संवेदना और मानवीय सरोकारों से भी जुड़ा होना चाहिए.

इन्हें भीपढ़ें

धुनों पर गीत लिखना एक रचनात्मक सुविधा: गुलज़ार

धुनों पर गीत लिखना एक रचनात्मक सुविधा: गुलज़ार

February 10, 2026
किताब उत्सव: लोकार्पण, चर्चाओं और रोचक प्रस्तुतियों से भरा तीसरा दिन

किताब उत्सव: लोकार्पण, चर्चाओं और रोचक प्रस्तुतियों से भरा तीसरा दिन

February 9, 2026
मुम्बई किताब उत्सव: नौ सत्रों के नाम रहा दूसरा दिन

मुम्बई किताब उत्सव: नौ सत्रों के नाम रहा दूसरा दिन

February 8, 2026
मुम्बई में 10 फ़रवरी तक चलेगा राजकमल प्रकाशन समूह का किताब उत्सव

मुम्बई में 10 फ़रवरी तक चलेगा राजकमल प्रकाशन समूह का किताब उत्सव

February 7, 2026

अगला सत्र ‘सब कुछ होना बचा रहेगा’ भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित लेखक विनोद कुमार शुक्ल को समर्पित रहा, जिसमें उनकी कविताओं का पाठ टी.जे. भानू, रोहित उपाध्याय और भूमिका दुबे ने किया.

इसके बाद मधु कांकरिया के यात्रा-संस्मरण ‘मेरी ढाका डायरी’ पर आधारित सत्र हुआ, जिसमें मधुबाला शुक्ल और गंगाशरण सिंह ने लेखक से संवाद किया. सत्र में ढाका में बढ़ते धार्मिक प्रभाव और सामाजिक बदलावों पर चर्चा हुई.

अगले सत्र में पंकज राग की पुस्तक ‘धुनों की यात्रा’ का लोकार्पण हुआ. जिसके बाद यूनुस खान से संवाद करते हुए पंकज राग ने बताया कि हिन्दी सिनेमा में गीतों की परम्परा की जड़ें पारसी थिएटर और कोठों के संगीत में मिलती हैं और किस तरह हिंदुस्तानी फ़िल्म संगीत ने समय के साथ स्वयं को रूपांतरित किया.


इसके बाद पतरस बुख़ारी के हास्य-व्यंग्य की पाठ प्रस्तुति तारिक हमीद ने दी. फिर बहुभाषी काव्य-पाठ हुआ, जिसमें नरेश सक्सेना, प्रबोध पारिख, हेमंत दिवटे, अंजली पुरोहित, कमल गोरा, बीना सरकार और बोधिसत्व शामिल रहे. सत्र के सूत्रधार अश्विनी कुमार रहे. दिन का समापन कुर्रतुल ऐन हैदर के उपन्यास ‘अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो’ की नाट्य प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसे रशिका अगाशे और उनकी टीम ने मंचित किया.

Tags: Ashok MaheshwariGulzarJaved AkhtarMumbaiNaresh SaxenaPankaj RagRajkamal Book FestivalRajkamal Publishing GroupShuklaVinod Kumarअशोक माहेश्वरीगुलज़ारजावेद अख़्तरनरेश सक्सेनापंकज रागपुरषोत्तम अग्रवालमुंबईराजकमल किताब उत्सवराजकमल प्रकाशन समूहविनोद कुमार शुक्ल
टीम अफ़लातून

टीम अफ़लातून

हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.

Related Posts

epstein-file
ज़रूर पढ़ें

एप्स्टीन फ़ाइल खुलासे के बाद: दुनिया के इन 20 फ़ीसदी लोगों को मेरा सलाम

February 4, 2026
गंगा कभी मैली नहीं होगी, गांधी कभी नहीं मरेंगे
ज़रूर पढ़ें

गंगा कभी मैली नहीं होगी, गांधी कभी नहीं मरेंगे

January 29, 2026
कैसे बना सिंगापुर पहली दुनिया का देश?
ज़रूर पढ़ें

कैसे बना सिंगापुर पहली दुनिया का देश?

November 27, 2025
Facebook Twitter Instagram Youtube
ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

संपर्क

ईमेल: oye.aflatoon@gmail.com
फ़ोन: +91 9967974469
+91 9967638520

  • About
  • Privacy Policy
  • Terms

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum

No Result
View All Result
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum