सबसे पहले तो इस बात का शुक्र मनाइए कि हम आम लोग हैं, जिनके भीतर नैतिकता बाक़ी है! हाल ही में हम सब जिस एप्स्टीन फ़ाइल के खुलासे से हैरान और दहले हुए हैं, इसके बारे में मालूमात करने के बाद मैंने इसे तुरंत ही कोरियन सीरीज़ स्क्विड गेम सीज़न वन से रिलेट किया. इस ड्रामा को देखने के बाद मैं विश्वास ही नहीं कर पाई थी कि अमीर लोग ऐसे हो सकते हैं. पर अब लगता है कि अमीर लोग कैसे भी हो सकते हैं! पर इस खुलासे बीच मैं दुनिया के किन 20 फ़ीसदी लोगों को धन्यवाद कहना चाहती हूं, ये जानने के लिए पढ़ते रहें…
अमूमन मैं किसी जानकार की रिकमंडेशन पर ही कोई सीरियल, फ़िल्म या वेब सीरीज़ देखती हूं. सूचना का भंडार यूं भी इतनी आसानी से, इतनी ज़्यादा तादाद में उपलब्ध है कि न चाहते हुए भी वह आपका पूरा दिन अपने नाम कर लेता है. और जितनी अधिक जानकारी हो, कोई संवेदनशील मन उतना ही अधिक दुखी, व्यग्र और परेशान हो जाता है.
आज की युवा दुनिया से कनेक्टेड रहने के लिए अक्सर ही मैं बेटे की रिकमंडेशन पर नए वेब सीरीज़ देख लेती हूं. उसी के कहने पर कोरियन थ्रिलर सीरीज़ स्क्विड गेम का सीज़न वन देखा था 2022 में. बहुत दुखी करने वाला, अविश्वसनीय-सा लगने वाला, लेकिन फिर भी बांधे रखने वाला… इस ड्रामा को देखते हुए कई बार न देखने का मन करते हुए भी बंधी-सी देखती रही थी. जब उसने पूछा कि कैसी है ये सीरीज़? तो मैंने जवाब दिया था- बांधे रखने वाली, लेकिन बुरी.
भरोसा ही नहीं हो रहा था कि रईस लोग अपने मनोरंज के लिए, सचमुच ज़िंदा लोगों को लेकर कोई ऐसा खेल खेल सकते हैं. ऐसा खेल, जिसमें असल लोगों को जान चली जाए और रईसों के लिए वो केवल एक मज़े की, मनोरंजन की बात हो. मन मानने को तैयार ही नहीं था कि रईस लोग मिलकर, संगठित होकर आम लोगों, ग़रीब लोगों को अपने खेल का ऐसा प्यादा बना सकते हैं, जो जिएं तो उनका मनोरंजन हो, मरें तो उनका मनोरंजन हो. अजीब कुंठाग्रस्त अमीर, ऊबे हुए अमीर, पैसों की अधिकता से पगलाए हुए अमीर… कई दिनों तक सो नहीं सकी थी, स्क्विड गेम का सीज़न वन देखने के बाद इसलिए सीज़न टू देखने का सवाल ही नहीं उठता था.
और अब एप्स्टीन फ़ाइल के खुलासे के बाद… मैं स्तब्ध हूं, और ज़्यादा दुखी हूं ये जानकर कि अमीर, पैसों के दम पर अमीर और दिल से जानवर ये लोग पैसों के दम पर पावर के दम पर वाक़ई कुछ भी कर सकते हैं! कुछ भी!!!
इस समय मैं इस बात से अतिशय संतुष्ट हूं कि मिडल क्लास हूं, क्योंकि मिडल क्लास होना मनुष्य होकर, अमीर जानवर या अमीर पिशाच होने से कहीं बेहतर है. दुनिया में लोग सही तरीक़े से पैसे कमाकर अमीर हो भी सकते हैं, पर अमीर होने के बाद यदि वे पावर को हैंडल न कर सके तो वही हो जाते हैं, जो एप्स्टीन फ़ाइल में दर्ज लोग हैं.
आज की ग्लोबल हो चुकी दुनिया को इंटरनेट के ज़रिए देखने-समझने के बाद, ये जान लेने के बाद कि अधिकांश लोग पैसे और पावर की चकाचौंध को ही दुनिया में तरजीह देते हैं, बावजूद इसके कि इसके पीछे छुपी गंदगी से वे वाक़िफ होते रहते हैं… अच्छाई से मेरा भरोसा उठ ही जाता, यदि बाबा (मेरे पिता) की कही ये बात हमेशा याद न रहती कि दुनिया हमेशा केवल 20 प्रतिशत अच्छे लोगों की वजह से ही रहने के क़ाबिल बनी हुई थी, बनी हुई है, बनी रहेगी.
उन सभी 20 प्रतिशत अच्छे लोगों को, जिनमें इस फ़ाइल का खुलासा करने वाले लोगों के साथ-साथ आप जैसे कई-कई लोग शामिल हैं. आज मुझे ऐसे सभी लोगों को ये बता देना ज़रूरी लगा कि पैसों से कहीं ज़्यादा आपके आचरण की अहमियत है, दुनिया को बचाए और रहने लायक़ जगह बनाए रखने के लिए… आप चाहे किसी भी क्लास के क्यों न हों, यदि आपके भीतर नैतिकता बची हुई है तो आपको दिल से सलाम!!! आपकी वजह से ये दुनिया अच्छी बनी हुई है. भले ही आपका नाम किसी अख़बार, किताब या इतिहास में दर्ज न हो, पर मेरे हीरो आप ही रहेंगे… हमेशा.







