• होम पेज
  • टीम अफ़लातून
No Result
View All Result
डोनेट
ओए अफ़लातून
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक
ओए अफ़लातून
Home बुक क्लब

मस्ट रीड है इंदिरा गांधी की जीवनी ‘एक थी इंदिरा’

शिल्पा शर्मा by शिल्पा शर्मा
March 12, 2022
in बुक क्लब, समीक्षा
A A
मस्ट रीड है इंदिरा गांधी की जीवनी ‘एक थी इंदिरा’
Share on FacebookShare on Twitter

यह जीवनी अपने कथ्य में बहुत संतुलित है, लेकिन पूरी निर्ममता से सत्य लिखते हुए. किताब में इंदिरा के जीवन के उतार-चढ़ावों और उनकी कमियों-ख़ूबियों को पूरी ईमानदारी से उतारा गया है. इसे पढ़ते हुए हम इंदिरा के व्यक्तित्व को, उनके जीवन में आई परिस्थितियों की रौशनी में समझ पाते हैं. इस किताब के गद्य को पढ़ते-पढ़ते कई बार मन कवितामय हो जाता है और हौले से विमर्श के लिए विषय भी मिल जाते हैं. इसे लिखने के लिए किया गया लेखिका का शोध न सिर्फ़ बेहद प्रभावित करता है, बल्कि स्पष्ट नज़र आता है.

पुस्तक: एक थी इंदिरा
विधा: जीवनी
लेखिका: उपमा ‘ऋचा’
प्रकाशक: संवाद प्रकाशन
मूल्य: रु. 250
उपलब्ध:
रेटिंग: 4.5/5

‘जिस तरह का इन दिनों का राजनैतिक माहौल है, हर चिंतन-पठन करने वाले को चाहिए कि वह इतिहास में झांके, पुराने ऐतिहासिक लोगों, राजनेताओं की जीवनियों को पढ़ कर ज़रूर देखे कि क्या वे वाक़ई वैसे हैं, जैसा कि उन्हें बताया जा रहा है? और उसके बाद ही उनपर अपना कोई मत प्रगट करे.’ यह वह व्यक्तिगत विचार था, जिसके चलते मैंने कुछ किताबों को पढ़ना और उनके ज़रिए कुछ लोगों के व्यक्तित्व को जानना शुरू किया. इसी क्रम में संवाद प्रकाशन की किताब ‘एक थीं इंदिरा’ भी एक किताब थी, जिसकी लेखिका हैं उपमा ‘ऋचा’.

यह उपमा की लिखी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की जीवनी है, जिसकी शुरुआत उन्होंने इस परिवार की चार पीढ़ी पहले के लोगों को साथ लेते हुए कश्मीर से की है. इस किताब में कुल 21 अध्याय हैं, जिनमें स्व. इंदिरा गांधी के जीवन को उकेरा तो ज़ाहिरतौर पर गद्य रूप में गया है, लेकिन इसे पढ़ते-पढ़ते कई बार मन कवितामय हो जाता है. कई बार लगता है कि क्या लेखिका ने इंदिरा के साथ वक़्त गुज़ारा था या उनके बारे में इतना पढ़ा और मनन किया कि वे बिल्कुल उनकी तरह सोच सकीं या फिर मानव मन शायद एक जैसे होते हैं, जिनकी थाह पाने में लेखिका को महारत हासिल है.

यह जीवनी अपने कथ्य में बहुत संतुलित है, लेकिन पूरी निर्ममता से सत्य लिखते हुए. इस किताब में इंदिरा के जीवन के उतार-चढ़ावों और उनकी कमियों-ख़ूबियों को ईमानदारी से जस का तस उतारने का बहुत सफल प्रयास किया गया है. इसे पढ़ते हुए हम इंदिरा के व्यक्तित्व को, उनके जीवन में आई परिस्थितियों की रौशनी में समझ पाते हैं. इस किताब को लिखने के लिए किया गया लेखिका का शोध न केवल बेहद प्रभावित करता है, बल्कि स्पष्ट दिखाई देता है. पढ़ते हुए आप कई बार इस बात पर भी ग़ौर करने लगते हैं कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों का निजी जीवन किस तरह उनका अपना नहीं रह जाता. वहीं किसी पद पर बने रहने के दौरान उनके द्वारा लिए गए निर्णयों में से कुछ के ग़लत हो जाने का ख़तरा हमेशा बना रहता है, वे सबको ख़ुश नहीं रख सकते, कठोर निर्णय भी लेने पड़ते हैं और कभी-कभी पद का लोभ या गुमान उनसे वो करवा ले जाता है, जिसके बारे में वे भी जानते हैं कि यह सही नहीं है, लेकिन बावजूद इसके उसे करते चले जाते हैं.

‘गूंगी गुड़िया’ से लेकर इंदिरा के ‘दुर्गा’ के स्वरूप तक; बचपन, किशोरावस्था, यौवन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक; शिक्षा, विवाह, बच्चों के जन्म और पालन-पोषण तक; अपने पति फ़िरोज़ गांधी और अपने पिता जवाहरलाल नेहरू को खोने तक और फिर ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद उनके अंगरक्षकों द्वारा उनकी हत्या तक आप इस किताब के ज़रिए इंदु, इंदिरा और इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व के हर पहलू से ऐसे रूबरू होते हैं, जैसे कि सबकुछ आपके सामने घटित हो रहा हो. प्रूफ़िंग की कुछ ग़लतियां हैं, लेकिन किताब की लय इतनी अच्छी है कि आप उन पर ध्यान दिए बिना, उन पर अटके बिना ही आगे पढ़ते चले जाते हैं.

काव्य की सी मिठास वाली; विमर्श के लिए हौले से, गहरे विषय देने वाली; इंदिरा के जीवन को पूरी गहराई में उतर कर हमसे साझा करने वाली; पूरी संवेदनशीलता के साथ लिखी गई इस बेहतरीन जीवनी के लिए लेखिका उपमा ‘ऋचा’ को बधाई. साथ ही, इस तरह की किताबों को पाठकों तक पहुंचाने के लिए संवाद प्रकाशन का आभार और शुभकामनाएं.

इन्हें भीपढ़ें

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

April 3, 2026
वो कभी मिल जाएं तो क्या कीजिए:अख़्तर शीरानी की ग़ज़ल

वो कभी मिल जाएं तो क्या कीजिए:अख़्तर शीरानी की ग़ज़ल

December 15, 2025
ummeed-ki-tarah-lautna-tum

पाठक को विघटन के अंधेरे से उजाले की ओर मोड़ देती हैं ‘उम्मीद की तरह लौटना तुम’ की कविताएं

September 23, 2025
गुरुत्वाकर्षण: हूबनाथ पांडे की कविता

गुरुत्वाकर्षण: हूबनाथ पांडे की कविता

September 18, 2025
Tags: biographybook houseBook ReviewBooksEk Thi IndirakitabgharrliteratureSamvad Prakashantalk of booksUpama 'Richa'उपमा ‘ऋचा’एक थी इंदिराकिताबघरकिताबेंजीवनीपुस्तक समीक्षाबातें किताबों कीसंवाद प्रकाशनसाहित्य
शिल्पा शर्मा

शिल्पा शर्मा

पत्रकारिता का लंबा, सघन अनुभव, जिसमें से अधिकांशत: महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कामकाज. उनके खाते में कविताओं से जुड़े पुरस्कार और कहानियों से जुड़ी पहचान भी शामिल है. ओए अफ़लातून की नींव का रखा जाना उनके विज्ञान में पोस्ट ग्रैजुएशन, पत्रकारिता के अनुभव, दोस्तों के साथ और संवेदनशील मन का अमैल्गमेशन है.

Related Posts

अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए: गोपालदास ‘नीरज’ का गीत
कविताएं

अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए: गोपालदास ‘नीरज’ का गीत

June 12, 2025
कल चौदहवीं की रात थी: इब्न ए इंशा की ग़ज़ल
कविताएं

कल चौदहवीं की रात थी: इब्न ए इंशा की ग़ज़ल

June 4, 2025
dil-ka-deep
कविताएं

दिल में और तो क्या रक्खा है: नासिर काज़मी की ग़ज़ल

June 3, 2025
Facebook Twitter Instagram Youtube
ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

संपर्क

ईमेल: oye.aflatoon@gmail.com
फ़ोन: +91 9967974469
+91 9967638520

  • About
  • Privacy Policy
  • Terms

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum

No Result
View All Result
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum