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कल चौदहवीं की रात थी: इब्न ए इंशा की ग़ज़ल

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
June 4, 2025
in कविताएं, ज़रूर पढ़ें, बुक क्लब
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कल चौदहवीं की रात थी: इब्न ए इंशा की ग़ज़ल
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शेर मुहम्मद ख़ान को शेर ओ शायरी की दुनिया में उनके उपनाम इब्न ए इंशा से पहचाना जाता है. उनकी इस ग़ज़ल- कल चौदहवीं की रात थी, को कई ग़ज़ल गायकों ने अपनी आवाज़ दी है, जिनमें जगजीत सिंह और ग़ुलाम अली के नाम प्रमुख हैं. दोनों ही ग़ज़ल गायकों ने इस ग़ज़ल को अपनी ख़ूबसूरत आवाज़ और अपने एहसास दिए. लेकिन दोनों ने ही इसका हर एक शेर नहीं गया, बल्कि कुछ चुनिंदा शेर ही अपनी गायकी में शामिल किए. यहां पढ़िए इब्ने इंशा की यह पूरी ग़ज़ल.

कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तेरा
कुछ ने कहा ये चांद है कुछ ने कहा चेहरा तेरा

हम भी वहीं मौजूद थे, हम से भी सब पूछा किए
हम हंस दिए, हम चुप रहे, मंज़ूर था परदा तेरा

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January 30, 2026

इस शहर में किस से मिलें हम से तो छूटी महिफ़लें
हर शख़्स तेरा नाम ले, हर शख़्स दीवाना तेरा

कूचे को तेरे छोड़ कर जोगी ही बन जाएं मगर
जंगल तेरे, पर्वत तेरे, बस्ती तेरी, सहरा तेरा

तू बेवफ़ा तू मेहरबां हम और तुझ से बद-गुमां
हम ने तो पूछा था ज़रा ये वक्त क्यूं ठहरा तेरा

हम पर ये सख़्ती की नज़र हम हैं फ़क़ीर-ए-रहगुज़र
रस्ता कभी रोका तेरा दामन कभी थामा तेरा

दो अश्क जाने किस लिए, पलकों पे आ कर टिक गए
अल्ताफ़ की बारिश तेरी अक्राम का दरिया तेरा

हां हां, तेरी सूरत हंसी, लेकिन तू ऐसा भी नहीं,
इस शख़्स के अश‍आर से, शोहरा हुआ क्या-क्या तेरा

बेशक, उसी का दोष है, कहता नहीं ख़ामोश है,
तू आप कर ऐसी दवा बीमार हो अच्छा तेरा

बेदर्द, सुननी हो तो चल, कहता है क्या अच्छी ग़ज़ल,
आशिक़ तेरा, रुसवा तेरा, शायर तेरा, ‘इन्शा’ तेरा

Tags: GhazalIbn e InshaIbne Inshakal chaudahavin ki raat thiSher Muhammad Khanइब्न ए इंशाइब्ने इंशाकल चौदहवीं की रात थीग़ज़लशेर मुहम्मद ख़ान
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हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

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