दो बूढ़ी महिलाएं लंबे समय बाद मिलती हैं. बातचीत की सिरा यहां से वहां भटकते रहता है. वे पुरानी बातों...
गुलज़ार साहब की त्रिवेणी, तीन लाइनों में लिखी गई मुकम्मल कविताएं हैं. तीन मिसरों में सोचने, समझने के लिए पर्याप्त...
तहजीब का शहर कहा जानेवाला लखनऊ अपनी निराली नफ़ासत के लिए मशहूर है. इस शहर में झगड़ों में भी उसी...
किसी पुरुष की ज़िंदगी में दूसरी औरत होने का दुख क्या होता है? अमृता प्रीतम की कहानी ‘शाह की कंजरी’...
स्त्री मुक्ति, संवेदना और स्त्री शक्ति की कविताएं लिखनेवाली जया जदवानी की यह मशहूर कविता, नए ज़माने की आत्मनिर्भर महिला...
क्या हमारा दिल भी हमारी अमीरी और ग़रीबी के मुताबिक़ छोटा या बड़ा होता है? रबिंद्रनाथ टैगोर की इस कहानी...
बचपन की यादें जब बाहर निकलती हैं तो एक ऐसा तिलस्मी संसार रचती हैं कि कई बार हम ख़ुद आश्चर्यचकित...
ख़ूबसूरत लड़कियों को चिढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जानेवाला एक जुमला ‘अंगूर की बेल’ कैसे एक परिवार की तीन पीढ़ियों...
कुछ रिश्ते ख़ून के नहीं होते, पर उनका गाढ़ापन ख़ून के रिश्ते से कम नहीं होता. ऐसा ही रिश्ता था...
कवि मैथिलीशरण गुप्त के महाकाव्य ‘साकेत’ की यह रचना प्रेम की व्याख्या करती है प्रेम, प्रेम के लिए किए जानेवाले...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum