महजबों के बीच नफ़रत की भावना ने किस क़दर घर कर लिया है कि एक मरे हुए आदमी की आख़िरी...
बचपन अपने रास्ते तलाश लेता है. हर हाल में ख़ुशियों के लम्हे जुगाड़ लेता है. आलोक धन्वा की यह छोटी-सी...
गुलकी को उसके पति ने छोड़ दिया है. उसके माता-पिता का देहांत हो गया है. वह मायके के घर आ...
प्रेम के प्रतीक ताजमहल की ख़ूबसूरती पर जितनी कविताएं लिखी गई हैं, शायरों की कलम उतनी ही प्रेम के महंगे...
यूं तो हमारी ज़िंदगी हमसे अलग नहीं है. पर कभी ख़ुद को ज़िंदगी से कुछ क़दम दूर रखकर उससे बातचीत...
पाकिस्तान के मशहूर शायर हबीब जालिब की पंक्तियां ‘तुम से पहले जो इक शख़्स यहां तख़्त-नशीं था, उस को भी...
कथा संग्रह- हमेशा देर कर देता हूं मैं, की सभी दस कहानियों को आप स्वयं पढ़ें. पंकज सुबीर के कथा-लेखन...
धर्म और सियासत द्वारा अपने-अपने फ़ायदे के लिए रिश्तों में नफ़रत का ज़हर घोलने का काम किया जाता रहा है....
कवि कैफ़ भोपाली की मशहूर कविता ‘ये दाढ़ियां ये तिलक धारियां नहीं चलतीं’ उन सभी के लिए एक मुकम्मल संदेश...
बुढ़ापा अकेलेपन से भरा होता है. बुढ़ापे का अकेलापन आपसे क्या-क्या नहीं करवाता? जवान बेटे के गुज़रने के बाद सोमा...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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