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इंटरनेट और यूनीकोड ने तकनीक, भाषा और कॉन्टेंट का लोकतांत्रिकरण कर दिया है: योगेश पालीवाल

इंटरनेट और यूनीकोड ने तकनीक, भाषा और कॉन्टेंट का लोकतांत्रिकरण कर दिया है: योगेश पालीवाल

तकनीक, यूनिकोड और इंटरनेट के अमैल्गमेशन ने भारत में बोली जानेवाली भाषाओं के विकास को अचानक ही विस्तार दे दिया....

सर्जरी मेरा पेशा है और लेखन नशा. उम्र के ढलते दौर में पेशे पर नशे की जीत हो जाती है: डॉ संगीता झा

पेशे से एंडोक्राइन सर्जन डॉ संगीता झा अपने शहर हैदराबाद में एक उम्दा डॉक्टर के तौर पर जितनी मशहूर हैं,...

सही रवैय्या और मेहनत का जज़्बा है तो हिंदी में अपार अवसर हैं: इरा टाक

सही रवैय्या और मेहनत का जज़्बा है तो हिंदी में अपार अवसर हैं: इरा टाक

वे लेखिका हैं, कवयित्री हैं, पेंटर हैं, स्क्रिप्ट राइटर हैं, फ़िल्ममेकर हैं और इसके साथ-साथ एक ऐसी शख़्सियत हैं, जिन्होंने...

व्यंग्य लेखन बारूदी सुरंगों पर नंगे पांव चलने जितना ख़तरनाक है: मुकेश नेमा

व्यंग्य लेखन बारूदी सुरंगों पर नंगे पांव चलने जितना ख़तरनाक है: मुकेश नेमा

यूं तो वे मध्य प्रदेश सरकार के सरकारी अधिकारी हैं, लेकिन उनके चुटीले व्यंग्य, उनकी पहचान को सीधे तौर पर...

मैं अपनी ख़ुशियों की ज़िम्मेदारी ख़ुद लेता हूं इसलिए ख़ुश रहता हूं और ख़ुशियां बांटता हूं: डॉ अबरार मुल्तानी

हिंदी माह में हिंदी के लिए, हिंदी में काम करनेवाली शख़्सियतों से रूबरू कराने के साक्षात्कार श्रृंखला हिंदी वाले लोग...

यह दौर हिंदी के लिए रौशनी से भरा है: जयंती रंगनाथन

यह दौर हिंदी के लिए रौशनी से भरा है: जयंती रंगनाथन

जयंती रंगनाथन हिंदी पत्रकारिता और लेखन का बेहद जाना-पहचाना चेहरा हैं. उन्हें पत्रकारिता का लंबा अनुभव है. वे कहानियां लिखती...

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