Tag: हिंदी वाले लोग

किताबें पाठक को ध्यान में रखते हुए प्रकाशित की जाएं तो वे ज़रूर बिकती हैं: जीतेन्द्र पात्रो

किताबें पाठक को ध्यान में रखते हुए प्रकाशित की जाएं तो वे ज़रूर बिकती हैं: जीतेन्द्र पात्रो

वर्ष 2019 में अपने गठन से लेकर अब तक यानी दो वर्षों में प्रलेक प्रकाशन हिंदी साहित्य के पटल पर ...

सभी हिंदी भाषियों को एक प्लैटफ़ॉर्म पर ला खड़ा करेगा पंक्तियां ऐप: दीपक जौरवाल

सभी हिंदी भाषियों को एक प्लैटफ़ॉर्म पर ला खड़ा करेगा पंक्तियां ऐप: दीपक जौरवाल

उन्होंने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की है, वे इंजीनियर हैं और एक दिन उन्होंने इन्स्टाग्राम पर एक अकाउंट बनाया ‘हिंदी ...

इंटरनेट और यूनीकोड ने तकनीक, भाषा और कॉन्टेंट का लोकतांत्रिकरण कर दिया है: योगेश पालीवाल

इंटरनेट और यूनीकोड ने तकनीक, भाषा और कॉन्टेंट का लोकतांत्रिकरण कर दिया है: योगेश पालीवाल

तकनीक, यूनिकोड और इंटरनेट के अमैल्गमेशन ने भारत में बोली जानेवाली भाषाओं के विकास को अचानक ही विस्तार दे दिया. ...

सही रवैय्या और मेहनत का जज़्बा है तो हिंदी में अपार अवसर हैं: इरा टाक

सही रवैय्या और मेहनत का जज़्बा है तो हिंदी में अपार अवसर हैं: इरा टाक

वे लेखिका हैं, कवयित्री हैं, पेंटर हैं, स्क्रिप्ट राइटर हैं, फ़िल्ममेकर हैं और इसके साथ-साथ एक ऐसी शख़्सियत हैं, जिन्होंने ...

व्यंग्य लेखन बारूदी सुरंगों पर नंगे पांव चलने जितना ख़तरनाक है: मुकेश नेमा

व्यंग्य लेखन बारूदी सुरंगों पर नंगे पांव चलने जितना ख़तरनाक है: मुकेश नेमा

यूं तो वे मध्य प्रदेश सरकार के सरकारी अधिकारी हैं, लेकिन उनके चुटीले व्यंग्य, उनकी पहचान को सीधे तौर पर ...

यह दौर हिंदी के लिए रौशनी से भरा है: जयंती रंगनाथन

यह दौर हिंदी के लिए रौशनी से भरा है: जयंती रंगनाथन

जयंती रंगनाथन हिंदी पत्रकारिता और लेखन का बेहद जाना-पहचाना चेहरा हैं. उन्हें पत्रकारिता का लंबा अनुभव है. वे कहानियां लिखती ...

हिंदी दिवस के ख़र्चीले आयोजनों ने नहीं, यूनीकोड ने हिंदी को गति दी है: विनोद तिवारी

हिंदी दिवस के ख़र्चीले आयोजनों ने नहीं, यूनीकोड ने हिंदी को गति दी है: विनोद तिवारी

विनोद तिवारी मीडिया जगत का वह जाना पहचाना नाम है, जिन्हें इस क्षेत्र के हर अंग का अच्छा अनुभव है ...

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