महानगर में बसंत: अरुण चन्द्र रॉय की कविता
महानगरों की आपाधापी में हम जीवन के ही नहीं, मौसम के भी कई रंग-ढंग मिस कर देते हैं. उनमें से ...
महानगरों की आपाधापी में हम जीवन के ही नहीं, मौसम के भी कई रंग-ढंग मिस कर देते हैं. उनमें से ...
विपरीत समय में प्रेम ही आशा बनकर जीने का उत्साह देता है. प्रेम मिलने को ख़ूबसूरती से जताती है पंकज ...
हाल के समय की सबसे तल्ख़ और चुभनेवाली कविता है युवा दलित कवि बच्चा लाल उन्मेष की कविता ‘कौन जात ...
आम आदमी का शायर कहलाने वाले बशीर बद्र साहब अपनी ग़ज़लों और नज़्मों में कॉमन मैन के दुख, तक़लीफ़, समस्याओं ...
‘नाम गुम जाएगा’ गुलज़ार साहब की लिखी यह कविता स्वरकोकिला लता मंगेशकर की हमेशा-हमेशा के लिए पहचान बन गई. किनारा ...
हर बुरी परिस्थिति के साथ कुछ अच्छा होने की संभावना छुपी रहती है. दूसरे शब्दों में कहें तो आपदा में ...
प्रेम पर अपनी नज़्में लिखनेवाले इब्ने इंशा ने एक भूखे बच्चे को देखकर यह लंबी कविता लिखी है. कविता में ...
‘निंदक नियरे राखिए’ हमारे देश में इस फ़िलॉसफ़ी को काफ़ी सम्मान दिया जाता रहा है. पर पिछले कई सालों से ...
हम एक ऐसे राष्ट्र हैं, जिसने अपने पिता की हत्या की. पर हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी मरने के बाद भी ...
छब्बीस जनवरी 1950 को भारत एक गणतंत्र राष्ट्र बन गया. उसे दिन के महत्व को बताने-समझाने के लिए कई कवियों ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum