हिंदुस्तान में दो दो हिंदुस्तान दिखाई देते हैं: गुलज़ार की कविता
हिंदुस्तान अपनी आज़ादी की 75वीं सालगिरह मना रहा है. पर उम्मीदों से भरे इस देश में बहुत-सी चीज़ें हैं, जिन्हें ...
हिंदुस्तान अपनी आज़ादी की 75वीं सालगिरह मना रहा है. पर उम्मीदों से भरे इस देश में बहुत-सी चीज़ें हैं, जिन्हें ...
इंसानी सभ्यता को नए स्तर पर पहुंचानेवाली किताबें, टेक्नोलॉजी के दौर में पीछे छूट रही हैं. कभी हमारे हाथों में ...
वक़्त का चूल्हा जलते रहने के लिए ईंधन मांगता है. गुलज़ार साहब की कविता ईंधन उपलों की टेक लेकर बचपन ...
गुलज़ार साहब की कविताएं जाने-पहचाने शब्दों को नए मायने देती हैं. आंखों के सामने नए दृश्य खींच देती हैं. वो ...
महजबों के बीच नफ़रत की भावना ने किस क़दर घर कर लिया है कि एक मरे हुए आदमी की आख़िरी ...
‘नाम गुम जाएगा’ गुलज़ार साहब की लिखी यह कविता स्वरकोकिला लता मंगेशकर की हमेशा-हमेशा के लिए पहचान बन गई. किनारा ...
‘इन बूढ़े पहाड़ों पर, कुछ भी तो नहीं बदला’ गुलज़ार साहब का लिखा ग़ैरफ़िल्मी गीत है, जिसमें बीच-बीच में उनकी ...
ट्रैजिडी क्वीन मीना कुमारी की निजी डायरियों के वारिस गुलज़ार साहब ने उनके लिए एक छोटी-सी कविता ‘शहतूत की शाख़ ...
गुलज़ार साहब की यह छोटी-सी कविता, अपने अंदर बड़े गहरे भाव छुपाए बैठी है. कई मुग़ालतों से बाहर खींच लाती ...
यदि आप भी ऑस्कर अवॉर्ड सम्मानित गीतकार गुलज़ार के प्रशंसकों में से एक हैं तो उनकी ज़िंदगी और लेखन के ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum