• होम पेज
  • टीम अफ़लातून
No Result
View All Result
डोनेट
ओए अफ़लातून
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक
ओए अफ़लातून
Home बुक क्लब

संगतराश: अहसास और रिश्तों के नए किस्से

सर्जना चतुर्वेदी by सर्जना चतुर्वेदी
September 11, 2022
in बुक क्लब, समीक्षा
A A
Sangtarash_Book-review
Share on FacebookShare on Twitter

भले ही समाज आधुनिक और शिक्षित हो गया है, लेकिन स्त्रियों के जीवन में संघर्ष आज भी हैं. स्त्रियों के जीवन की अलग-अलग परिस्थितियां इस कहानी संग्रह में लेखिका ने प्रस्तुत किए हैं. वरिष्ठ पत्रकार सर्जना चर्तुर्वेदी बता रही हैं, क्यों यह किताब पढ़ी जानी चाहिए.

पुस्तक: संगतराश
लेखिका: नीतू मुकुल
प्रकाशक: भारतीय ज्ञानपीठ
मूल्य: 220 रुपए
पृष्ठ संख्या: 110
रेटिंग: 3.5/5 स्टार

नीतू मुकुल का यह कहानी संग्रह आधुनिक महिलाओं की उस ज़िंदगी को दर्शाता है, जिसके बारे में हम सभी जानते हैं, पर उस ओर देखते नहीं. अगर देखते हैं तो कुछ बोलते नहीं. मसलन-आज भी ऐसा माहौल कई घरों में दिखाई देता है, जहां बहू भले शिक्षित हो लेकिन बेटा पर्याप्त कमाता है तो कहते हैं कि बहू को नौकरी करने की क्या ज़रूरत है? लड़की को न ही मायके और न ही ससुराल में अपनी इच्छा की ज़िंदगी जीने को मिलती है. यह ‘हम ख़ुद अपने ही राम हैं’ कहानी की मुख्य किरदार जानकी के जीवन में दिखाई देती है. ऐसा ही कुछ ‘तिहत्तरवा चांद जुपिटर का’ कहानी में दिखता है. पर यहां की नायिका समस्या का समाधान तलाशती है. नायिका टुम्पा तीन बच्चों की मां है, लेकिन जब वह अपने जीवनसाथी को पिता और पति दोनों भूमिकाओं को निभाने में असफल और ग़ैरज़िम्मेदार रूप में देखती है तब वह उससे अलग होने का निर्णय कर लेती है.
कहानी ‘संगतराश’ हमारे समाज में आज भी मौजूद जाति के ऊंच और नीच के भेदभाव की कड़वी हक़ीक़त को बड़ी ख़ूबसूरती से एक छोटे बच्चे के इर्द-गिर्द बुनी कहानी के माध्यम से बयां करती है. पुजारी से बच्चा सवाल भी करता है कि ‘‘मेरे छूने से भला भगवान कैसे अपवित्र हो जाएंगे? आपकी तरह उन्होंने मुझे भी बनाया है.’’ ‘‘आपकी प्रार्थना वह मंदिर के अंदर से सुनते हैं हमारी बाहर से. फिर फर्क़ किस बात का?’’ वहीं कहानी ‘मंगते का दिल’ देश में होनेवाले उन हादसों की हक़ीक़त को बयां करती है, जिनमें छोटी उम्र में ज़िद करके बच्चे गाड़ी लेते हैं और सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं. माता-पिता तब उनके अंगों को किसी ज़रूरतमंद को दान कर देते हैं. ‘आठवां फेरा नो हुक-अप प्लीज़’ कहानी आधुनिक समाज के उन रिश्तों को बयां करती है, जिसमें लोग रिश्ते जीना तो चाहते हैं पर निभाना नहीं. नई पीढ़ी रिश्तों का आनंद लेना चाहती है मगर उनसे मिलने वाले दर्द से दूर रहना चाहती है. ‘बस एक लफ्ज और’ नामक कहानी वर्तमान समय में धर्म के नाम पर होने वाले दंगे और उसकी वजह से आम इंसान को जो पीड़ा होती है वह दिखाती है. ‘अंधेरों की परतें’ इस कहानी में एक मां और बेटे के मिलाप की कहानी दिखाई गई है.
लॉकडाउन के दौर में रचे गए इस कहानी संग्रह में कुल 7 कहानियां हैं. लॉकडाउन की परिस्थितियां और संघर्ष को भी दिखाने का प्रयास कुछ कहानियों के माध्यम से किया गया है. सरल हिंदी भाषा में लिखी गई यह कहानियां हर वर्ग विशेष को प्रभावित करती हैं और भौतिक युग में मानवीय संवेदना के संग तालमेल बैठाती-सी प्रतीत होती हैं. लेखिका नीतू मुकुल का इससे पूर्व एक कहानी संग्रह ‘ऐसा प्यार कहां’ प्रकाशित हो चुका है और कई कहानियां विभिन्न पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित हो चुकी हैं. बहरहाल कहानी संग्रह ‘संगतराश’ की कहानियां पढ़ने जैसी हैं. वे एहसासों और रिश्तों के क़िस्से सुनाती हैं.

इन्हें भीपढ़ें

किसलिए?: भावना प्रकाश की कहानी

किसलिए?: भावना प्रकाश की कहानी

June 25, 2026
Kul_Devta_Ka_Chunaav

कुलदेवता का चुनाव: भावना प्रकाश की व्यंग्य कथा

May 25, 2026
नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

April 23, 2026
माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

April 3, 2026
Tags: Neetu MukulNeetu Mukul BookNeetu Mukul BooksSangtarash by Neetu Mukulनीतू मुकुलनीतू मुकुल की किताबभारतीय ज्ञानपीठसंगतराश
सर्जना चतुर्वेदी

सर्जना चतुर्वेदी

Related Posts

वो कभी मिल जाएं तो क्या कीजिए:अख़्तर शीरानी की ग़ज़ल
कविताएं

वो कभी मिल जाएं तो क्या कीजिए:अख़्तर शीरानी की ग़ज़ल

December 15, 2025
ummeed-ki-tarah-lautna-tum
ज़रूर पढ़ें

पाठक को विघटन के अंधेरे से उजाले की ओर मोड़ देती हैं ‘उम्मीद की तरह लौटना तुम’ की कविताएं

September 23, 2025
गुरुत्वाकर्षण: हूबनाथ पांडे की कविता
कविताएं

गुरुत्वाकर्षण: हूबनाथ पांडे की कविता

September 18, 2025
Facebook Twitter Instagram Youtube
ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

संपर्क

ईमेल: oye.aflatoon@gmail.com
फ़ोन: +91 9967974469
+91 9967638520

  • About
  • Privacy Policy
  • Terms

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum

No Result
View All Result
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum