पाकिस्तानी शायर तहज़ीब हाफ़ी की ग़ज़ल ‘पराई आग पे रोटी नहीं बनाऊंगा’ ख़ुद से किए जानेवाले वादों की फ़ेहरिस्त है....
पत्रकार-लेखक-कवि कैलाश सेंगर उम्दा ग़ज़लकार थे. उनकी ग़ज़लों के शेर आम आदमी के दर्द को बयां करते हैं. उनका लेखन...
सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां लिखनेवाले अल्लामा इक़बाल की शायरी में गहरे विचार, उपमाओं और रूपकों की कमी नहीं होती...
‘जब उस की तस्वीर बनाया करता था’ पाकिस्तान के मशहूर शायर तहज़ीब हाफ़ी की ग़ज़ल है. तहज़ीब अपनी प्रेम शायरियों...
आदमी होने का सही मतलब क्या है, बता रही है गीतकार-कवि गोपालदास नीरस की लंबी कविता ‘आदमी को प्यार दो’....
मन के बीच चलते वाले तमाम सवालों और कशमकश, बेचैनी को मरहूम कवि कुंवर बेचैन से बेहतर भला और कौन...
भूख की कई परिभाषाएं हो सकती हैं, जाने-माने कवि अरुण चन्द्र रॉय की कविता कुछ परिभाषाएं बता रही है. कई...
छोटी कविताएं अक्सर सोचने के लिए बड़ा कैनवास दे जाती हैं. जब कविता ओमप्रकाश वाल्मीकि की हो तो यह कैनवास...
ताजमहल, जिसे दुनिया अमर प्रेम की निशानी मानती है, उसे देखकर एक कवि के मन में क्या ख़्याल आ सकते...
प्यार, वफ़ा, बेवफ़ाई और अकेलेपन को बयां करते क़ैसर-उल ज़ाफ़री के शेर, पढ़कर बरबस मुंह से ‘वाह, वाह’ ज़रूर निकलेगा....
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum