ग़ज़ल हमेशा ही पढ़ने और सुनने वाले के दिल को छू जाती है, क्योंकि सच्चाई, सादाबयानी और साफ़गोई ग़ज़ल का...
मधुशाला और अग्निपथ जैसी गंभीर रचनाओं के कवि हरिवंशराय बच्चन उम्दा बाल कविताएं भी लिखते थे. उनकी कविता ‘आ रही...
कुछ कविताएं दिल में इस तरह उतर जाती हैं कि किसी संघर्ष का एंथम बन जाती हैं. वर्ष 2012 के...
वर्षों पहले लिखी अदम गोंडवी की छोटी-सी रचना ‘घर में ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है’ आज के सामाजिक...
यूं तो हर संजीदा व्यक्ति अपने आसपास के हालात पर नज़र रखता है, हवाओं में मौजूद संदेशों को पढ़ता है...
मां अपने बच्चों के लिए क्या नहीं करती? ख़ासकर जब उसे लगे कि बच्चा कमज़ोर, आवारा और लापरवाह है तो...
सुमित्रानंदन पंत की सबसे ज़्यादा पढ़ी गई कविताओं में एक ‘आ: धरती कितना देती है’ मनुष्य के स्वार्थी और भाग्यवादी...
बदलते वक़्त और हालात को ख़ूबसूरती और सच्चाई से रेखांकित करती मरहूम शायर राहत इंदौरी की ग़ज़ल इत्मीनान से पढ़ने...
आज का दौर हो या दशकों पहले का. जब कभी तानाशाही जैसा कुछ दिखाई देता है तो मीडिया भले ही...
यह उम्मीद ही तो होती है, जो हमें जीवंत बनाए रखती है. शकील अहमद की यह ग़ज़ल भी आपको उम्मीद...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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