mothers-day

‘‘बेरोज़गारी है सांप्रदायिक विवादों की जड़, युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराया जाना चाहिए.’’

मदर्स डे! हालांकि कुछ लोग अब भी यह कहते मिल जाते हैं कि मदर्स डे मनाना हमारी संस्कृति नहीं, पर...

समाधान आरोपित नहीं किए जा सकते, वो तो परिस्थितियों के दबाव से स्वयं निकलेंगे: मन्नू भंडारी

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मन्नू भंडारी कहानी की एक विधा ‘नई कहानी’ की एक प्रसिद्ध रचनाकार हैं, जिनकी रचनाएं उनके समकालीन रचनाकारों की तुलना...

बड़ा परिवर्तन चोट खाकर ही आता है और चोट खाने को कोई तैयार नहीं होता: मन्नू भंडारी

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मन्नू भंडारी कहानी की एक विधा ‘नई कहानी’ की एक प्रसिद्ध रचनाकार हैं, जिनकी रचनाएं उनके समकालीन रचनाकारों की तुलना...

किताबें पाठक को ध्यान में रखते हुए प्रकाशित की जाएं तो वे ज़रूर बिकती हैं: जीतेन्द्र पात्रो

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वर्ष 2019 में अपने गठन से लेकर अब तक यानी दो वर्षों में प्रलेक प्रकाशन हिंदी साहित्य के पटल पर...

सभी हिंदी भाषियों को एक प्लैटफ़ॉर्म पर ला खड़ा करेगा पंक्तियां ऐप: दीपक जौरवाल

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उन्होंने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की है, वे इंजीनियर हैं और एक दिन उन्होंने इन्स्टाग्राम पर एक अकाउंट बनाया ‘हिंदी...

इंटरनेट और यूनीकोड ने तकनीक, भाषा और कॉन्टेंट का लोकतांत्रिकरण कर दिया है: योगेश पालीवाल

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तकनीक, यूनिकोड और इंटरनेट के अमैल्गमेशन ने भारत में बोली जानेवाली भाषाओं के विकास को अचानक ही विस्तार दे दिया....

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