जब उस की तस्वीर बनाया करता था: तहज़ीब हाफ़ी की ग़ज़ल
‘जब उस की तस्वीर बनाया करता था’ पाकिस्तान के मशहूर शायर तहज़ीब हाफ़ी की ग़ज़ल है. तहज़ीब अपनी प्रेम शायरियों ...
‘जब उस की तस्वीर बनाया करता था’ पाकिस्तान के मशहूर शायर तहज़ीब हाफ़ी की ग़ज़ल है. तहज़ीब अपनी प्रेम शायरियों ...
आदमी होने का सही मतलब क्या है, बता रही है गीतकार-कवि गोपालदास नीरस की लंबी कविता ‘आदमी को प्यार दो’. ...
भूख की कई परिभाषाएं हो सकती हैं, जाने-माने कवि अरुण चन्द्र रॉय की कविता कुछ परिभाषाएं बता रही है. कई ...
छोटी कविताएं अक्सर सोचने के लिए बड़ा कैनवास दे जाती हैं. जब कविता ओमप्रकाश वाल्मीकि की हो तो यह कैनवास ...
ताजमहल, जिसे दुनिया अमर प्रेम की निशानी मानती है, उसे देखकर एक कवि के मन में क्या ख़्याल आ सकते ...
प्यार, वफ़ा, बेवफ़ाई और अकेलेपन को बयां करते क़ैसर-उल ज़ाफ़री के शेर, पढ़कर बरबस मुंह से ‘वाह, वाह’ ज़रूर निकलेगा. ...
एक ही परिस्थितियों में रहकर दो लोग किस तरह बिल्कुल भिन्न हो सकते हैं, अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की कविता ...
किसी को भुलाना कितना मुश्क़िल होता है, ख़ासकर उसे जिसे आपने प्यार किया हो, जिससे आपने प्यार पाया हो. भूल ...
ग़ुलाम अली की जादुई आवाज़ में हम सभी ने इब्ने इंशा की यह ग़ज़ल कई बार सुनी होगी. आज ख़ुद ...
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी न केवल शानदार वक्ता थे, बल्कि उम्दा कवि भी थे. उनकी एक कविता ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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