कविता और लाठी: रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ की कविता
जहां लाठी सरकार की ओर से कमज़ोरों पर चलती है, वहीं कविता सरकार और भगवान की सत्ताओं के ख़िलाफ़ और ...
जहां लाठी सरकार की ओर से कमज़ोरों पर चलती है, वहीं कविता सरकार और भगवान की सत्ताओं के ख़िलाफ़ और ...
मां को बलिदान की मूरत बनाकर पेश किया जाता है, पर क्या एक मां सिर्फ़ मां ही होती है? बच्चे ...
आदमी के तेज़ी से आंकड़ों में बदलते जाने के विरोधाभास पर रौशनी डालती कुंवर नारायण की कविता, आम आदमी के ...
दलित वेदना और चेतना के सबसे प्रमुख साहित्यक हस्ताक्षरों में एक ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविता ‘उन्हें डर है’ तेज़ी से ...
गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर कविता ‘आत्मत्राण’ में ईश्वर से बात कर रहे हैं. वे ईश्वर से दुख, हानि, मुसीबत आदि से ...
हाल के समय में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सड़कों पर तेज़ी से दौड़ रहे, तोड़-फोड़ कर रहे और ...
चाहे लाख कोशिश कर लें संघर्ष करके अपने बूते पर सफलता हासिल करनेवालों को कोई हरा नहीं सकता. ऐसे ही ...
हर बीतते दिन के साथ हम कहते हैं कि दुनिया बदल रही है और यहां जीना कठिन होता जा रहा ...
बीते हुए समय की सुखद यादों को पकड़कर रखने से वर्तमान का दुख और भी बढ़ जाता है. आप चाह ...
छोटे बच्चे की मनोहारी मुस्कान से सुंदर और सुकूनदायक और क्या हो सकता है? बाबा नागार्जुन की कविता यह दंतुरित ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum