सोने की कंठी: पोस्टमैन की रूपवती बेटी की कहानी (लेखिका: सुभद्रा कुमारी चौहान)
ग़रीबी और ख़ूबसूरती में अगर मुक़ाबला कराया जाए तो एक शुरुआती उठा-पटक के बाद ख़ूबसूरती हार जाएगी. ग़रीबी इच्छाओं पर ...
ग़रीबी और ख़ूबसूरती में अगर मुक़ाबला कराया जाए तो एक शुरुआती उठा-पटक के बाद ख़ूबसूरती हार जाएगी. ग़रीबी इच्छाओं पर ...
बुद्ध के दौर की यह कहानी एक राजा और सन्यासी के धर्म और लक्षणों के बारे में बात करती है. ...
हर इंसान अपने-अपने हिस्से का अकेलापन भोग रहा होता है. किसी को पाने की तड़प, किसी को पाकर खोने का ...
कई बार दूसरों का भला करने के चक्कर में हम अपना ही घर फूंक बैठते हैं. पंडा गिरजाकुमार की पत्नी ...
क्या होता है, टूरिस्ट की कमी का सामना कर रहे एक हिल स्टेशन पर? एक अदद सैलानी पर सभी के ...
कभी-कभी झूठ बोलना अधिक सुविधाजनक होता है, पर सच तो सच ही होता है. न चाहते हुए भी बाहर आ ...
पुरखों द्वारा लगाए गए बरगद के पेड़ ने जब पंडित सालिकराम का जीना मुश्क़िल कर दिया तो उन्होंने एक ऐसा ...
सेठ लगनदास का गोद लिया पुत्र मगनदास आराम की ज़िंदगी गुज़ार रहा था, पर क्या होता है जब उसके दत्तक ...
एक बच्चे के लिए मां और पिता से ज़्यादा महत्वपूर्ण कुछ और नहीं हो सकता. भारतीय के जानेमाने अंग्रेज़ी लेखकों ...
हर इंसान बदल सकता है और वह बदलाव किसी एक दिन अचानक हो जाता है. जानेमाने फ़िल्मकार-लेखक रहे ख़्वाजा अहमद ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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