तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे: क़ैसर-उल ज़ाफ़री के शेर
प्यार, वफ़ा, बेवफ़ाई और अकेलेपन को बयां करते क़ैसर-उल ज़ाफ़री के शेर, पढ़कर बरबस मुंह से ‘वाह, वाह’ ज़रूर निकलेगा. ...
प्यार, वफ़ा, बेवफ़ाई और अकेलेपन को बयां करते क़ैसर-उल ज़ाफ़री के शेर, पढ़कर बरबस मुंह से ‘वाह, वाह’ ज़रूर निकलेगा. ...
एक ही परिस्थितियों में रहकर दो लोग किस तरह बिल्कुल भिन्न हो सकते हैं, अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की कविता ...
किसी को भुलाना कितना मुश्क़िल होता है, ख़ासकर उसे जिसे आपने प्यार किया हो, जिससे आपने प्यार पाया हो. भूल ...
ग़ुलाम अली की जादुई आवाज़ में हम सभी ने इब्ने इंशा की यह ग़ज़ल कई बार सुनी होगी. आज ख़ुद ...
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी न केवल शानदार वक्ता थे, बल्कि उम्दा कवि भी थे. उनकी एक कविता ...
प्यार और ज़िंदगी के सही मायने बताती फ़िराक़ गोरखपुरी की अनूठी रचना. ज़िंदगी क्या है, ये मुझसे पूछते हो दोस्तों ...
एक ही चीज़ का अलग-अलग लोगों के जीवन में क्या महत्व हो सकता है बताती है चंद्रकांत देवताले की कविता. ...
बुरे से बुरे समय में एक कवि की दृष्टि अच्छी चीज़ें तलाश लेती है. पंकज चतुर्वेदी की यह छोटी-सी कविता ...
इतिहास, मिथक, दर्शन का संवेदनशील संगम गीत चतुर्वेदी की कविताओं में देखने मिलता है. उनकी कविता परिभाषा, कई बनी-बनाई परिभाषाओं ...
कहते हैं कोई भी चीज़ चिरस्थाई नहीं होती. अर्थात नष्ट होना सबकी नियति है. पर क्या चीज़ें वाक़ई नष्ट हो ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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