• होम पेज
  • टीम अफ़लातून
No Result
View All Result
डोनेट
ओए अफ़लातून
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक
ओए अफ़लातून
Home ज़रूर पढ़ें

खुली हवा: पूजा भारद्वाज की लघु कथा

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
January 14, 2023
in ज़रूर पढ़ें, नई कहानियां, बुक क्लब
A A
खुली हवा: पूजा भारद्वाज की लघु कथा
Share on FacebookShare on Twitter

कुछ घटनाएं जो मन को छू जाती हैं, वे कितनी ख़ूबसूरती से लघु कथा में ढल जाती हैं, यह बात आप इस लघु कथा को पढ़ते हुए महसूस कर सकेंगे. 

‘‘मां आंखें बंद करो ना,’’ इतना कहकर प्रेम ने हाथों से मां की आंखों को ढंक लिया.

‘‘अरे क्या कर रहा है? इस उम्र में भी शरारतें सूझती रहती है तुझे मेरे साथ,’’ मां ने नाटकीय ग़ुस्से में उसे फटकारा.

इन्हें भीपढ़ें

Kul_Devta_Ka_Chunaav

कुलदेवता का चुनाव: भावना प्रकाश की व्यंग्य कथा

May 25, 2026
नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

April 23, 2026
माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

April 3, 2026
kalpana-lajmi_bhupen-hazarika

रूह की रवायत में लिखा इश्क़: कल्पना और भूपेन हजारिका के प्रेम और समर्पण की अनंत कहानी

March 10, 2026

‘‘कुछ नहीं कर रहा. बस गेट तक चलो.’’

दोनों मुख्य दरवाज़े तक पहुंचे तो प्रेम ने हल्के से मां की आंखों को अपने हाथों के ढक्कन से आज़ाद कर दिया.

मां ने आंखें खोली तो सामने स्कूटी थी, एकदम नई और चमचमाती हुई.

‘‘अच्छा तो ये तमाशा था? कब लाया? बताया भी नहीं?’’ मां ने एक साथ कई सवाल पूछ लिए, फिर आगे बोलीं, ‘‘ वैसे इसकी ज़रूरत क्या थी? घर में दो बाइक हैं तो सही. नौकरी क्या मिली, हो गई जनाब की फ़िज़ूलख़र्ची शुरू,’’ मां हमेशा की तरह सब एक सांस में बोलती ही गईं.

‘‘अरे रे! ठहरो मेरी डियर एक्सप्रेस. ये मैं अपने लिए नहीं लाया.’’

‘‘तो किसके लिए है फिर?’’ मां ने गहरी भेदी नजर से प्रश्न किया.

‘‘आपके लिए…‘‘यह बोलते हुए प्रेम ने मां का चेहरा हाथों में थाम लिया.

‘‘मेरे लिए? मुझे क्या ज़रूरत है?’’

‘‘ज़रूरत क्यों नहीं? पापा काम में व्यस्त रहते हैं और अब मुझे भी नौकरी मिल गई है. घर में कितने काम होते हैं, जिनके लिए तुम्हें हमारे इन्तज़ार में इतवार तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है. अब तुम हम पर निर्भर नहीं रहोगी.’’

‘‘तेरा दिमाग़ ख़राब हो गया क्या प्रेम? ये शहर नहीं गांव है बेटा. लोग हंसेंगे मुझ पर.
बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम कहेंगे और फिर मैं कौन सा जॉब करती हूं, जो ये स्कूटी लिए घूमूं?’’ मां ने अपनी चिंता ज़ाहिर की.

‘‘मां आपको लोगों से क्या लेना-देना? भागदौड़ कर जो इतना थक जाती हो तो लोग आते हैं क्या देखभाल करने? मेरी प्यारी मां यही तो उम्र है इन सुविधाओं का हाथ पकड़ने की. जवानी में तो इंसान दौड़-दौड़ कर भी काम कर लेता है, लेकिन अब तो उतनी भागदौड़ नहीं कर सकती हो ना?’’

‘‘लेकिन बेटा इस उम्र में…?’’

मां की बात पूरी होने से पहले ही प्रेम ने अपनी उंगली मां के होठों पर रख दी और लाड़ से बोला, ‘‘चुप, मां! कोई उम्र नहीं है तुम्हारी. बस, 50 की ही तो हो और बोल ऐसे रही हो जैसे 100 की हो,’’ यह कहते-कहते प्रेम हंस दिया.

‘‘ओफ़्फ़हो तू समझ नहीं रहा. गांव में लोग हंसेंगे कि इसे इस उम्र में क्या सूझी?’’

‘‘कोई कुछ भी समझे तुम बस वो समझो जो मैं कह रहा हूं,’’ यह कहकर प्रेम मां का हाथ पकड़ स्कूटी तक ले आया और बोला, ‘‘चलो बैठो.’’

मां हिचकिचाई तो प्रेम ने प्यार से, ज़बर्दस्ती बैठा दिया और ख़ुद पीछे बैठ गया.
‘‘देखो ऐसे करते हैं स्टार्ट ध्यान से सीखना.’’

मां भीतर से ख़ुश भी थी और बेचैन भी. बेचैनी समाज की बनी रूढ़ियों से थी और ख़ुशी इस बात की कि जिस बेटे को जन्म से लेकर आज तक सिखाया वो आज उसका शिक्षक था.

स्कूटी स्टार्ट कर प्रेम मां को समझाता जा रहा था और मां बड़े ध्यान से सब समझ रही थी.

लोगों की नज़रें ख़ुद पर पड़ती देख हिचकिचा जाती, लेकिन बेटे का उत्साह उसे भी जोश और उमंग से भर देता.
उल्लास की लहर पर सवार मां आज ख़ुद को खुली हवा में आज़ाद महसूस कर रही थी. उसे याद आया वो बचपन में चिड़िया बन उड़ जाना चाहती थी. उसे लगा जैसे आज वह ख़्वाब पूरा हो गया. वो उड़ ही तो रही थी ताज़ी और सुगंधित हवा में चिड़िया की तरह चहकती हुई.

फ़ोटो: पिन्टरेस्ट

Tags: fictionKhuli HawaPooja Bhardwajshort storystoryकहानीखुली हवापूजा भारद्वाजफ़िक्शनलघु कथाशॉर्ट स्टोरीस्टोरी
टीम अफ़लातून

टीम अफ़लातून

हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.

Related Posts

epstein-file
ज़रूर पढ़ें

एप्स्टीन फ़ाइल खुलासे के बाद: दुनिया के इन 20 फ़ीसदी लोगों को मेरा सलाम

February 4, 2026
ये कहना कि महात्मा गांधी भारत के विभाजन से सहमत हो गए थे, उनकी यादों के साथ सरासर अन्याय है: लॉर्ड माउंटबेटन
ज़रूर पढ़ें

ये कहना कि महात्मा गांधी भारत के विभाजन से सहमत हो गए थे, उनकी यादों के साथ सरासर अन्याय है: लॉर्ड माउंटबेटन

January 30, 2026
गंगा कभी मैली नहीं होगी, गांधी कभी नहीं मरेंगे
ज़रूर पढ़ें

गंगा कभी मैली नहीं होगी, गांधी कभी नहीं मरेंगे

January 29, 2026
Facebook Twitter Instagram Youtube
ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

संपर्क

ईमेल: oye.aflatoon@gmail.com
फ़ोन: +91 9967974469
+91 9967638520

  • About
  • Privacy Policy
  • Terms

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum

No Result
View All Result
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum