• होम पेज
  • टीम अफ़लातून
No Result
View All Result
डोनेट
ओए अफ़लातून
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक
ओए अफ़लातून
Home बुक क्लब कविताएं

मेरी क्रिस्मस: हूबनाथ पांडे की कविता

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
December 25, 2023
in कविताएं, ज़रूर पढ़ें, बुक क्लब
A A
मेरी क्रिस्मस: हूबनाथ पांडे की कविता
Share on FacebookShare on Twitter

आज के समय में जन्म लेने वाले हज़ारों-हज़ार बच्चे कुछ राजनेताओं की ज़िद के चलते होने वाले युद्धों और उससे इतर भी किस तरह असमय काल के गाल में समा रहे हैं, यह बात उजागर करती हुई और जीज़स को आज का यथार्थ सुनाती हुई एक संवेदनशील कविता.

मेरे प्यारे जीज़स!

उतना क्रूर समय
नहीं था तुम्हारा

इन्हें भीपढ़ें

नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

April 23, 2026
माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

April 3, 2026
kalpana-lajmi_bhupen-hazarika

रूह की रवायत में लिखा इश्क़: कल्पना और भूपेन हजारिका के प्रेम और समर्पण की अनंत कहानी

March 10, 2026
epstein-file

एप्स्टीन फ़ाइल खुलासे के बाद: दुनिया के इन 20 फ़ीसदी लोगों को मेरा सलाम

February 4, 2026

कड़कड़ाती ठंड में
पैदा हुए तुम अस्तबल में
और बच गए

जबकि घूम रहे थे हत्यारे
तुम्हारे लिए
किसी शासक के इशारे पर

इस दौर में
लाखों दुधमुंहे शिशु
बिल्कुल तुम्हारी तरह
अनायास मर जाते हैं

इनमें कोई हाथ नही
इस दौर के शासकों का
वे तो बच्चों से भी
मासूम होते हैं

दरअसल
छोटे बच्चों की मौत में
कोई थ्रिल नहीं है

इसलिए हर शासक
कुछ बड़ों को मारने के लिए
कुछ बड़ों को
सुसज्जित करता है
बमों मिसाइलों
टैंकों मोर्टारों से

एक साथ
लाखों की तादाद में मरें
ऐसी व्यवस्था की है
ज़्यादातर शासकों ने

उन्होंने भी
जो तुम्हारे गुण गाते हैं
और उन्होंने भी
जो पूजते हैं बुद्ध को

बेथलेहम की गलियों में
जैसे तुम्हें घसीटा गया
वैसे रोज़ घसीटे जाते हैं
हज़ारों हज़ार

कभी धर्म के नाम पर
कभी राष्ट्र के
तो कभी संप्रदाय के

तुमने नहीं देखे होंगे
शहर के शहर
जलते हुए

नफ़रतों के
ख़ूंख़्वार भेड़िये
नगरों में पलते हुए

तुम बेहतर समय में जन्मे
तुम्हें पता था
कौन मित्र है
और कौन हत्यारा
कौन विनम्र
कौन अहंकार का मारा

हमारे लिए तो
हत्यारे को
मित्र कहने की मजबूरी है

सत्य और हमारे बीच
उतनी ही दूरी है
जितनी तुम्हारे और
जूडस के बीच थी
आख़िरी भोजन के समय

मुझे बेहद ख़ुशी है
कि तुम नहीं जनमे
हमारे क्रूर समय में

कड़कड़ाती सर्द रातों में
उन बच्चों के बीच

जिनके जनम पर
फ़रिश्ते नहीं
यमदूत आते हैं
बधाइयां देने

कुपोषण और बीमारियां
सोहर गाती हैं
और धरती बेकरार होती है
सर्द सीने में छिपाने के लिए

जिनका कभी नहीं होता
पुनरुत्थान
तुम्हारी तरह

मेरी क्रिसमस
ओ मेरे प्यारे जीज़स!

फ़ोटो साभार: पिन्टरेस्ट

Tags: ChildrenChristmasHoobnath PandeyJesusMerry ChristmaspoetryWarकविताक्रिस्मसजीज़सबच्चेमेरी क्रिस्मसयुद्धहूबनाथ पांडे
टीम अफ़लातून

टीम अफ़लातून

हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.

Related Posts

ये कहना कि महात्मा गांधी भारत के विभाजन से सहमत हो गए थे, उनकी यादों के साथ सरासर अन्याय है: लॉर्ड माउंटबेटन
ज़रूर पढ़ें

ये कहना कि महात्मा गांधी भारत के विभाजन से सहमत हो गए थे, उनकी यादों के साथ सरासर अन्याय है: लॉर्ड माउंटबेटन

January 30, 2026
गंगा कभी मैली नहीं होगी, गांधी कभी नहीं मरेंगे
ज़रूर पढ़ें

गंगा कभी मैली नहीं होगी, गांधी कभी नहीं मरेंगे

January 29, 2026
multiple-partners
ज़रूर पढ़ें

69% ने माना रिश्तों में खुलापन हो रहा है स्वीकार्य: आईपीएसओएस-ग्लीन सर्वे

January 22, 2026
Facebook Twitter Instagram Youtube
ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

संपर्क

ईमेल: oye.aflatoon@gmail.com
फ़ोन: +91 9967974469
+91 9967638520

  • About
  • Privacy Policy
  • Terms

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum

No Result
View All Result
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum