‘‘लोगों से पूछना चाहती हूं कि आख़िर आक्रोश का ये तमाशा कब तक चलेगा?’’
मदर्स डे! हालांकि कुछ लोग अब भी यह कहते मिल जाते हैं कि मदर्स डे मनाना हमारी संस्कृति नहीं, पर...
पत्रकारिता का लंबा, सघन अनुभव, जिसमें से अधिकांशत: महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कामकाज. उनके खाते में कविताओं से जुड़े पुरस्कार और कहानियों से जुड़ी पहचान भी शामिल है. ओए अफ़लातून की नींव का रखा जाना उनके विज्ञान में पोस्ट ग्रैजुएशन, पत्रकारिता के अनुभव, दोस्तों के साथ और संवेदनशील मन का अमैल्गमेशन है.
मदर्स डे! हालांकि कुछ लोग अब भी यह कहते मिल जाते हैं कि मदर्स डे मनाना हमारी संस्कृति नहीं, पर...
मदर्स डे! हालांकि कुछ लोग अब भी यह कहते मिल जाते हैं कि मदर्स डे मनाना हमारी संस्कृति नहीं, पर...
यदि आप भी उन लोगों में से हैं, जिन्हें लगता है कि उन्होंने ग़लत करियर चुन लिया है तो आपके...
इस समय दुनियाभर में सबसे ज़्यादा चर्चा में जो विषय है, वह है क्लाइमेट चेंज. इसके भयावह परिणामों के बारे...
यदि किसी देश को आगे बढ़ना होता है तो वह राजनीति और धर्म को अलग रखता है. यह बात पश्चिमी...
हाल ही में नवरात्र को लेकर दिल्ली और कर्नाटक में मंदिर परिसर के आसपास मांसाहार की दुकानों को बंद करने...
प्रेम कहानियां अमूमन सभी को पसंद होती हैं. अगर आप भी प्रेम कथा पढ़ना चाहते हैं तो इरा टाक का...
यह जीवनी अपने कथ्य में बहुत संतुलित है, लेकिन पूरी निर्ममता से सत्य लिखते हुए. किताब में इंदिरा के जीवन...
यूं तो बहुत सारी ऐसी स्किल्स हैं, जो महिलाओं को अपने पूरे जीवन को सुचारू ढंग से चलाने के लिए...
यह तेज़ गति वाला दौर है, जहां इंटरनेट, यातायात, स्मार्टफ़ोन, सूचनाएं, ख़बरें और यहां तक कि किसी घटना पर प्रतिक्रिया...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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