कैसे संभालें ख़ुद को जब जीवन साथी बीच सफ़र में साथ छोड़ दे
सुखी संसार था मेरा, बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके थे, अब वास्तव में जीवन को भरपूर जी लेने का...
हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.
सुखी संसार था मेरा, बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके थे, अब वास्तव में जीवन को भरपूर जी लेने का...
यदि आप भी उन लोगों में से हैं, जिन्हें लगता है कि त्यौहारों या ख़ास अवसरों पर चमक-दमक वाली साड़ी...
जैसे ही आप पर कुछ एक्स्ट्रा किलो वज़न चढ़ने लगता है, आपके जान पहचान वाले टोकने लगते हैं. आप भी...
एक लेखक को अपनी मेहनत का सही मोल नहीं मिल पाता. और जो मिलता भी है उसके लिए प्रकाशक की...
यह कहानी है सच्ची दोस्ती की और दोस्ती निभाते हुए अपने फ़र्ज़ को पूरा करने की. क्या होता है, जब...
हमने सोचा त्यौहार के मौक़े पर क्यों न अपने पाठक/पाठिकाओं से उनके घर पर बननेवाली रेसिपीज़ भी आपके साथ शेयर...
वृक्ष हमारी स्वार्थपरकता का साक्षात गवाह है. जब तक हम जीवित रहते हैं, उसके फल, फूल, छाया का आनंद लेते...
हम भारतीय अपने पुरुषत्व को लेकर कितने सजग रहते हैं, पंकज चतुर्वेदी की यह कविता बिना दिल के होते जा...
त्यौहारों के मौसम में आपको ख़ास रेसिपीज़ के बारे में न बताएं तो हमें अच्छा कैसे लगेगा? यही वजह है...
संस्मरण लिखने में लेखिका महादेवी वर्मा का कोई सानी नहीं था. प्रस्तुत संस्मरण ‘रामा’ में उन्होंने अपने घर के नौकर...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum