• होम पेज
  • टीम अफ़लातून
No Result
View All Result
डोनेट
ओए अफ़लातून
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक
ओए अफ़लातून
Home ज़रूर पढ़ें

आख़िर इतिहास में केवल राजाओं की वीरता के क़िस्से ही क्यों पढ़ाए जाते हैं?

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
September 28, 2023
in ज़रूर पढ़ें, नज़रिया, सुर्ख़ियों में
A A
आख़िर इतिहास में केवल राजाओं की वीरता के क़िस्से ही क्यों पढ़ाए जाते हैं?
Share on FacebookShare on Twitter

जानेमाने गांधीवादी व समाजसेवी हिमांशु कुमार की इतिहास को लेकर अपनी हाई स्कूल में पढ़ने वाली बेटी से हुई चर्चा के दौरान, जो बात सामने आई, वो आपके और हमारे भी सोचने का मुद्दा होनी चाहिए: कि आख़िर हर काल के राजाओं का ज़िक्र तो हमें इतिहास में फिर भी मिल जाता है, लेकिन क्या वजह है कि उनकी प्रजा या आवाम का ज़िक्र कहीं नहीं मिलता? इस आलेख को पढ़कर आप यह भी जान सकेंगे कि क्यों इतिहास को नई समझ के साथ देखने की ज़रूरत है.

‘‘अच्छा बताओ तुम्हें इतिहास में मुख्यतः क्या पढ़ाया जाता है?’’ मैंने बेटी से पूछा.
‘‘राजाओं की वीरता के क़िस्से,’’ उसका जवाब आया.

‘‘इतिहास में राजों के वीरता के क़िस्से ही क्यों पढ़ाए जाते हैं? हमारे इतिहास में उस समय के किसानों के बारे में या कारीगरों, मज़दूरों या महिलाओं की हालत के बारे में क्यों नहीं पढ़ाया जाता?’’ मेरे इस सवाल पर वह चुप थी.

इन्हें भीपढ़ें

gen-z

ओपन लेटर जेन ज़ी के नाम

July 31, 2026
किसलिए?: भावना प्रकाश की कहानी

किसलिए?: भावना प्रकाश की कहानी

June 25, 2026
Kul_Devta_Ka_Chunaav

कुलदेवता का चुनाव: भावना प्रकाश की व्यंग्य कथा

May 25, 2026
नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

April 23, 2026

तब मैंने उसे बताया: अगर तुम वेदों के समय से इतिहास को देखना शुरू करोगी,
तो तुम देखोगी कि वेदों में भी राजाओं की स्तुतियां हैं, यज्ञों का वर्णन है, बारिश, आग, हवा को देवता और राजा मानकर उनकी तारीफ़ भी की गई है. पूरा इतिहास बोध हमारे राजाओं की वीरता और मर्दानगी के वर्णन में डूबा हुआ है या फिर उसमें यज्ञ की विधियों का वर्णन है, लेकिन वेद यह नहीं बताते कि उस समय मनुष्यों को कैसे दास बनाया जाता था? वेद यह भी नहीं बताते कि उस समय धनी लोग कितनी पत्नियां रखते थे. वेद किसानों और दस्तकारों की आर्थिक हालत के बारे में भी नहीं बताते.

उसके बाद का इतिहास की बात करें तो इतिहास भी राजाओं की वीरता की कहानियों का ही वर्णन करता है. आम जनता की हालत के बारे में इतिहास मौन रहता है. सारे धर्मों के धर्म ग्रन्थों को भी इतिहास की पुस्तक के रूप में देखो तो पाओगे कि सभी धर्मों के धर्मग्रंथ पुरोहितों और राजाओं के वर्णनों से भरे हुए हैं.

ऐसा क्यों हुआ? इसके बारे में हमें ज़रूर जानना चाहिए.असल में पूरे मानव जाति की सभ्यता का विकास अन्याय पूर्ण व्यवस्था के विकास का इतिहास है. ध्यान से देखो जैसे-जैसे सभ्यता का विकास हुआ, वैसे-वैसे मेहनत करने वाले दुखी बनते चले गए. जैसे-जैसे सभ्यता का विकास हुआ आराम से बैठने वाले मज़े की हालत में आते गए. सभ्यता के विकास के साथ ज़मीनों पर मनुष्य की मिल्क़ियत हो गई. इसके बाद मेहनत करने वाले लोग तो मजदूर बन गए और ज़मीन का मालिक बिना मेहनत किए ही मज़े में जीने लगा. मेहनत करने वाले लोग गुलाम बनाए गए और गुलाम बनाने वाले मज़े करने वाले बन गए.

वहीं महिलाओं को मनुष्य के बराबरी के स्थान से नीचे गिरा कर पुरुष की संपत्ति के वारिस पैदा करने वाली मशीन और खेती में काम करने वाली दासी बना दिया गया. इसी के साथ साथ जो इतिहास लिखा गया वह पुरुषों की वीरता, पुरुषों के ऐश्वर्य, और पुरुषों की लड़ाइयों के बारे में वर्णन करने वाला इतिहास था. सारा धर्म भी इसी तरह के वर्णनों से भरा हुआ है इसीलिए सारे धर्म ग़रीब, मेहनतकश विरोधी और महिलाओं के विरोधी हैं.

क़रीब पचास साल पहले तक आम लोग इतिहास के अध्ययन से बाहर थे. उसके बाद यूरोप में फ्रांस की क्रांति और भारत में रोमिला थापर, इरफ़ान हबीब, बिपिन चन्द्रा जैसे साहित्यकारों का युग शुरू हुआ. इन इतिहासकारों नें इतिहास को एक नए नज़रिए से देखने की शुरुआत करी. इन्होंने इतिहास के अलग-अलग समय में किसानों का इतिहास, महिलाओं की हालत का इतिहास, दस्तकारी का इतिहास, अन्याय का इतिहास आदि के बारे में शोध करने और लिखने की शुरुआत की.

अगर तुम आज की राजनीति की भी हालत देखोगी तो तुम्हें इतिहास की गलत दिशा की झलक समझ में आ सकती है, जैसे- आज की राजनीतिक पार्टियां किस बारे में बात करती हैं? तो इस सवाल का जवाब है कि आज की राजनीतिक पार्टियां बात करती हैं हमारी सेना की वीरता की. आज की राजनीतिक पार्टियां कभी भी समाज में फैले अन्याय की बात नहीं करेंगी, आज की राजनीतिक पार्टियां सत्ता में रहते हुए कभी भी दलितों के साथ होने वाले अन्याय की चर्चा नहीं करेंगी, आज की राजनीतिक पार्टियां कभी भी आदिवासियों के साथ होने वाले अन्याय की चर्चा नहीं करेंगी… आज की राजनीतिक पार्टियां आपके सामने एक नक़ली दुश्मन खड़ा करेंगी. वे कहीं वह मुसलमानों को, कहीं आदिवासियों को तो कहीं ईसाईयों को दुश्मन के रूप में खड़ा करेंगी और फिर आज की राजनीतिक पार्टियां सेना और पुलिस को आपके एकमात्र रक्षक के रूप में पेश करेंगी.

ध्यान देने पर आप पाएंगे कि ऐसा करके फिर से वही पुराना इतिहास वाला खेल खेला जाता है यानी असली अन्याय से ध्यान हटा कर नकली वीरता, पौरुष, और गर्व को आपके जीवन का मुद्दा बना दिया जाना. आपको बहुत चालाकी से ईश्वर की पूजा करने में बैठा दिया गया है और इस सब में फंसकर आप अपने आसपास होने वाले अन्याय से ध्यान हटाकर एक नक़ली गर्व में भरा हुआ जीवन काट कर मर जाते हैं. यही वजह है कि इतिहास को नई समझ के साथ देखने की ज़रूरत है, क्योंकि इतिहास को समझने से आपको अपने वर्तमान की ठीक से समझ आ जाती है.

फ़ोटो साभार: पिन्टरेस्ट

Tags: artisanschurningfarmershimanshu kumarhistorykinglaborersPeoplepoliticspresentreligionइतिहासकिसानदस्तकारधर्मप्रजामज़दूरमंथनराजनीतिराजावर्तमानसियासतहिमांशु कुमार
टीम अफ़लातून

टीम अफ़लातून

हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.

Related Posts

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता
बुक क्लब

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

April 3, 2026
kalpana-lajmi_bhupen-hazarika
ओए हीरो

रूह की रवायत में लिखा इश्क़: कल्पना और भूपेन हजारिका के प्रेम और समर्पण की अनंत कहानी

March 10, 2026
किताब उत्सव: साहित्य, संगीत और रंगमंच की प्रस्तुतियों के साथ हुआ समापन
सुर्ख़ियों में

किताब उत्सव: साहित्य, संगीत और रंगमंच की प्रस्तुतियों के साथ हुआ समापन

February 11, 2026
Facebook Twitter Instagram Youtube
ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

संपर्क

ईमेल: oye.aflatoon@gmail.com
फ़ोन: +91 9967974469
+91 9967638520

  • About
  • Privacy Policy
  • Terms

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum

No Result
View All Result
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum