शकील अहमद

शकील अहमद

शकील अहमद हिंदी लेखक, कॉपी-राइटर, अनुवादक, समीक्षक और लोकलाइज़ेशन ट्रेनर हैं. उन्होंने ‘जनसत्ता’ से पत्रकारिता की शुरुआत की. ‘नवनीत’ पत्रिका में वरिष्ठ उप-संपादक, जोश-18 (नेटवर्क-18) में वरिष्ठ कॉपी-एडिटर के रूप में कार्य करने के बाद लोकलाइज़ेशन की दुनिया में बतौर अनुवादक और समीक्षक कार्यरत हैं. वे कालनिर्णय, मैकमिलन प्रकाशन, द राइट प्लेस - क्रॉसवर्ड, पॉप्यूलर प्रकाशन, मुंबई सर्वोदय मंडल और सद्भावना साधना जैसे संस्थानों में बतौर अनुवादक और सलाहकार सेवाएं भी दे चुके हैं. विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेखन व संपादन सहित उन्होंने कई पुस्तकों का अनुवाद भी किया है.

‘हमारे पास एक चांद है, एक सूरज है, तो एक लता मंगेशकर भी है!’ समय-समय पर क्या-क्या कहते रहे नामचीन लोग अपनी लता दीदी के बारे में

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