‘हमारे पास एक चांद है, एक सूरज है, तो एक लता मंगेशकर भी है!’ समय-समय पर क्या-क्या कहते रहे नामचीन लोग अपनी लता दीदी के बारे में
स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आवाज़ की मिठास की कोई मिसाल नहीं है. उनकी आवाज़ ने करोड़ों लोगों का दिल...
शकील अहमद हिंदी लेखक, कॉपी-राइटर, अनुवादक, समीक्षक और लोकलाइज़ेशन ट्रेनर हैं. उन्होंने ‘जनसत्ता’ से पत्रकारिता की शुरुआत की. ‘नवनीत’ पत्रिका में वरिष्ठ उप-संपादक, जोश-18 (नेटवर्क-18) में वरिष्ठ कॉपी-एडिटर के रूप में कार्य करने के बाद लोकलाइज़ेशन की दुनिया में बतौर अनुवादक और समीक्षक कार्यरत हैं. वे कालनिर्णय, मैकमिलन प्रकाशन, द राइट प्लेस - क्रॉसवर्ड, पॉप्यूलर प्रकाशन, मुंबई सर्वोदय मंडल और सद्भावना साधना जैसे संस्थानों में बतौर अनुवादक और सलाहकार सेवाएं भी दे चुके हैं. विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेखन व संपादन सहित उन्होंने कई पुस्तकों का अनुवाद भी किया है.
स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आवाज़ की मिठास की कोई मिसाल नहीं है. उनकी आवाज़ ने करोड़ों लोगों का दिल...
लता मंगेशकर को भारत सरकार ने ‘भारत रत्न’ से तो वर्ष 2001 में नवाज़ा, लेकिन भारत की जनता के दिलों...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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