• होम पेज
  • टीम अफ़लातून
No Result
View All Result
डोनेट
ओए अफ़लातून
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक
ओए अफ़लातून
Home बुक क्लब कविताएं

फटी एड़ियों वाली स्त्री का सौंदर्य: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
January 1, 2025
in कविताएं, ज़रूर पढ़ें, बुक क्लब
A A
फटी एड़ियों वाली स्त्री का सौंदर्य: अरुण चन्द्र रॉय की कविता
Share on FacebookShare on Twitter

जहां लोग फटी हुई एड़ियों को छुपाने, उन्हें ठीक करने की बात करते हैं. वहीं एक कवि फटी हुई एड़ियों को सौंदर्य का मानदंड घोषित कर सकता है. वह ऐसा सिर्फ़ घोषित ही नहीं करता, बल्कि इसे सिद्ध भी करता है.

सौंदर्य की गढ़ी हुई परिभाषों से इतर
एक अलग सौंदर्य होता है
फटी हुई एड़ियों में
फटी एड़ियों वाली स्त्री में!

वह सौंदर्य साम्राज्ञी नहीं होती
उसके चेहरे पर नहीं दमकता
ओढा हुआ ज्ञान
या लेपी हुई चिकनाहट
वे अनगढ़ होती हैं
जंगल के पुटुश के फूल की तरह
मज़बूत भी, चमकदार भी
हां, छुईमुई भी

इन्हें भीपढ़ें

Kul_Devta_Ka_Chunaav

कुलदेवता का चुनाव: भावना प्रकाश की व्यंग्य कथा

May 25, 2026
नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

April 23, 2026
माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

April 3, 2026
kalpana-lajmi_bhupen-hazarika

रूह की रवायत में लिखा इश्क़: कल्पना और भूपेन हजारिका के प्रेम और समर्पण की अनंत कहानी

March 10, 2026

फटी एड़ियों वाली स्त्री के हाथ भी
होते हैं अमूमन खुरदुरे
नाखून होते हैं घिसे
जिस पर महीनों पहले चढ़ा नेलपेंट
उखड़ चुका होता है

उसकी उंगलियों में भी दिखती हैं दरारें
जो सर्दियों में अक्सर बढ़ जाती हैं
लेकिन वह इसकी फिक्र ही कहां करती
या फिर कर ही नहीं पाती

फटी एड़ियों वाली स्त्री का सौंदर्य
दिखता है
शहर के चमचमाते बिज़नेस या दफ़्तर परिसर में
सफ़ाई कर रही स्त्रियों में
कहीं दूर गांवों में धान काट रही स्त्रियों में
गेहूं बोती हुई गीत गाती स्त्रियों में
शहरी मोहल्लों में सड़क बुहारती स्त्रियों में
या फिर गोद में बच्चे को उठाए बोझ उठाती मजदूर स्त्रियों में

हां, सुबह-सुबह लगभग दौड़ कर
फैक्ट्री पहुंचती स्त्रियों की एड़ियां भी पायी जाती हैं फटी!

फटी हुई एड़ियां नहीं हैं
कोई हंसने या अफ़सोस जताने वाली बात
यह श्रम का प्रतीक है
यह प्रतीक है स्वावलम्बन और सम्मान का
प्रतीक है स्त्रियों के सशक्त होने का!

सौंदर्य की परिभाषा से अनिभिज्ञ
फटी एड़ियों वाली स्त्री भी
भीगती है नेह से
उसकी आंखों के कोर गीले हो जाते हैं जब
फटी हुई एड़ियों को हृदय से लगा
चूमता है उनका प्रेमी!

Illustration: Pinterest

Tags: Aaj ki KavitaArun Chandra RoyArun Chandra Roy PoetryFati adiyon wali stri ka saundarya by Arun Chandra RoyHindi KavitaHindi KavitayeinHindi KavitayenHindi PoemJyoti Parv PrakashanKavitaअरुण चन्द्र रॉयअरुण चन्द्र रॉय की कविताआज की कविताकविताज्योति पर्व प्रकाशनफटी एड़ियों वाली स्त्री का सौंदर्यहिंदी कविता
टीम अफ़लातून

टीम अफ़लातून

हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.

Related Posts

epstein-file
ज़रूर पढ़ें

एप्स्टीन फ़ाइल खुलासे के बाद: दुनिया के इन 20 फ़ीसदी लोगों को मेरा सलाम

February 4, 2026
ये कहना कि महात्मा गांधी भारत के विभाजन से सहमत हो गए थे, उनकी यादों के साथ सरासर अन्याय है: लॉर्ड माउंटबेटन
ज़रूर पढ़ें

ये कहना कि महात्मा गांधी भारत के विभाजन से सहमत हो गए थे, उनकी यादों के साथ सरासर अन्याय है: लॉर्ड माउंटबेटन

January 30, 2026
गंगा कभी मैली नहीं होगी, गांधी कभी नहीं मरेंगे
ज़रूर पढ़ें

गंगा कभी मैली नहीं होगी, गांधी कभी नहीं मरेंगे

January 29, 2026
Facebook Twitter Instagram Youtube
ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

संपर्क

ईमेल: oye.aflatoon@gmail.com
फ़ोन: +91 9967974469
+91 9967638520

  • About
  • Privacy Policy
  • Terms

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum

No Result
View All Result
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum