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तो तुम देखोगे: डॉ अबरार मुल्तानी की कविता

डॉ अबरार मुल्तानी by डॉ अबरार मुल्तानी
March 21, 2024
in कविताएं, ज़रूर पढ़ें, बुक क्लब
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प्यार सिर्फ़ वह नहीं होता, जो केवल एक प्रेमी-प्रेमिका का होता है. मुश्क़िल घड़ी में आपके लिए खड़ा होनेवाला, आपके हक़ के लिए अड़ जानेवाला शख़्स, आपके दुख में आंसू बहानेवाला इंसान भी आपसे प्रेम करता है. पर अक्सर हम प्रेम से भरे ऐसे लोगों को पहचान नहीं पाते. डॉ अबरार मुल्तानी की यह छोटी-सी कविता हमारी ज़िंदगी के उन्हीं इंसानों की बात करती है, जो हमसे नि:स्वार्थ प्यार करते हैं.

जब धूल का ग़ुबार हटेगा
तो तुम देखोगे
मैं तुम्हारे लिए लड़ा था

जब बारिश थमेगी
तो तुम देखोगे
मैं तुम्हारे लिए रोया था

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जब कोहरा छटेगा
तो तुम देखोगे
मैं तुम्हारे इंतज़ार में खड़ा था

जब आग बुझेगी
तो तुम देखोगे
मैं तुम्हारे लिए जलकर भस्म हुआ था

और जब बहारें आएंगी
तो तुम देखना
मैं तुम्हारे लिए फूल बन जाऊंगा

Illustration: Pinterest

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डॉ अबरार मुल्तानी

डॉ अबरार मुल्तानी

डॉ. अबरार मुल्तानी एक प्रख्यात चिकित्सक और लेखक हैं. उन्हें हज़ारों जटिल एवं जीर्ण रोगियों के उपचार का अनुभव प्राप्त है. आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार करने में वे विश्व में एक अग्रणी नाम हैं. वे हिजामा थैरेपी को प्रचलित करने में भी अग्रज हैं. वे ‘इंक्रेडिबल आयुर्वेदा’ के संस्थापक तथा ‘स्माइलिंग हार्ट्स’ नामक संस्था के प्रेसिडेंट हैं. वे देश के पहले आनंद मंत्रालय की गवर्निंग कमेटी के सदस्य भी रहे हैं. मन के लिए अमृत की बूंदें, बीमारियां हारेंगी, 5 पिल्स डिप्रेशन एवं स्ट्रेस से मुक्ति के लिए और क्यों अलग है स्त्री पुरुष का प्रेम? उनकी बेस्टसेलर पुस्तकें हैं. आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए लिखी उनकी पुस्तकें प्रैक्टिकल प्रिस्क्राइबर और अल हिजामा भी अपनी श्रेणी की बेस्ट सेलर हैं. वे फ्रीलांसर कॉलमिस्ट भी हैं. उन्होंने पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय से आयुर्वेद में ग्रैजुएशन किया है. वे भोपाल में अपनी मेडिकल प्रैक्टिस करते हैं. Contact: 9907001192/ 7869116098

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ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

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