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Home बुक क्लब कविताएं

तू भी चुप है मैं भी चुप हूं यह कैसी तन्हाई है: जॉन एलिया की शायरी

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
November 8, 2021
in कविताएं, बुक क्लब
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तू भी चुप है मैं भी चुप हूं यह कैसी तन्हाई है: जॉन एलिया की शायरी
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प्यार में तन्हाई का बड़ा महत्व है. तन्हाई ही वो पल होते हैं, जब प्यार अपनी पूरी ताक़त के साथ वापस लौटता है, यादें बनकर. जॉन एलिया की शायरी ‘तू भी चुप है मैं भी चुप हूं यह कैसी तन्हाई है’ प्यार के इन्हीं तन्हाई वाले पलों को समर्पित है.

तू भी चुप है मैं भी चुप हूं यह कैसी तन्हाई है
तेरे साथ तेरी याद आई, क्या तू सचमुच आई है

शायद वो दिन पहला दिन था पलकें बोझल होने का
मुझ को देखते ही जब उन की अंगड़ाई शरमाई है

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उस दिन पहली बार हुआ था मुझ को रफ़ाक़ात का एहसास
जब उस के मलबूस की ख़ुश्बू घर पहुंचाने आई है

हुस्न से अर्ज़ ए शौक़ न करना हुस्न को ज़ाक पहुंचाना है
हम ने अर्ज़ ए शौक़ न कर के हुस्न को ज़ाक पहुंचाई है

हम को और तो कुछ नहीं सूझा अलबत्ता उस के दिल में
सोज़ ए रक़बत पैदा कर के उस की नींद उड़ाई है

हम दोनों मिल कर भी दिलों की तन्हाई में भटकेंगे
पागल कुछ तो सोच यह तू ने कैसी शक्ल बनाई है

इश्क़ ए पैचान की संदल पर जाने किस दिन बेल चढ़े
क्यारी में पानी ठहरा है दीवारों पर काई है

हुस्न के जाने कितने चेहरे हुस्न के जाने कितने नाम
इश्क़ का पैशा हुस्न परस्ती इश्क़ बड़ा हरजाई है

आज बहुत दिन बाद मैं अपने कमरे तक आ निकला था
ज्यों ही दरवाज़ा खोला है उस की ख़ुश्बू आई है

एक तो इतना हब्स है फिर मैं सांसें रोके बैठा हूं
वीरानी ने झाड़ू दे के घर में धूल उड़ाई है


पुस्तक: मैं जो हूं, ‘जॉन एलिया’ हूं
संकलन: शीन काफ़ निज़ाम
संपादन: डॉ कुमार विश्वास
प्रकाशक: वाणी प्रकाशन
Illustration: Pinterest

Tags: Aaj ki KavitaHindi KavitaHindi KavitayeinHindi KavitayenHindi PoemJaun EliaJaun Elia PoetryKavitaPoet Jaun EliaTu bhi chup hai main bhi chup hoon ye kaisi tanhai hai by Jaun Eliaआज की शायरीजॉन एलियाजॉन एलिया की शायरीतू भी चुप है मैं भी चुप हूं यह कैसी तन्हाई हैशायर जॉन एलियाशायरीहिंदी कविताएंहिंदी शायरी
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हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

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