राम तुम्हारे युग का रावण अच्छा था: प्रताप सोमवंशी की कविता
पत्रकार-कवि प्रताप सोमवंशी की ग़ज़लनुमा कविताएं छोटी होती हैं, पर उनकी मारक क्षमता ग़ज़ब की होती है. उनके कविता संग्रह ...
पत्रकार-कवि प्रताप सोमवंशी की ग़ज़लनुमा कविताएं छोटी होती हैं, पर उनकी मारक क्षमता ग़ज़ब की होती है. उनके कविता संग्रह ...
सारी सुख-सुविधाओं का त्याग कर देश की रक्षा में सदा तत्पर हमारे वीर जवानों को समर्पित है सुभद्रा कुमारी चौहान ...
मनुष्य प्रकृति के लाखों जीवों में से महज़ एक है, पर उसने जब से ख़ुद को प्रकृति का मसीहा समझना ...
अमेरिकी कवि, इतिहासकार, उपन्यासकार और लोकगीतकार, आम जनता के कवि थे. उन्हें अपनी रचनाओं के लिए विश्वभर में सम्मानित किया ...
मुंह के कारोबारी जब तरक़्क़ी कर रहे हों तो ख़ामोशी से अपनी राह बनानेवालों को भला कौन पूछेगा? निदा फ़ाज़ली ...
विसंगियों के ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार की यह ग़ज़ल कई विसंगत जोड़ियों को बेहद नज़ाकत से बताती है. जाने किस-किसका ख़्याल ...
नमक कहने को तो एक आम-सी चीज़ है, पर उसकी व्यापकता इस आम-सी चीज़ को ख़ास बनाने के लिए काफ़ी ...
देश के बच्चों को थोड़ा संभलकर चलने की सलाह देती राजेश जोशी की कविता ‘रुको बच्चों’ देश के कथित तारणहारों ...
प्यार, प्यार की यादें और प्यार करनेवाले सारी दुनियादारी भुला देते हैं. ‘तमन्ना फिर मचल जाए’ जावेद अख़्तर की यह ...
अटारी पर दीपक रखने जा रही प्रेमिका को हिदायत देती कुंवर बेचैन की कविता ‘चढ़ो अटारी धीरे-धीरे’ उसके सौंदर्य और ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum