• होम पेज
  • टीम अफ़लातून
No Result
View All Result
डोनेट
ओए अफ़लातून
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक
ओए अफ़लातून
Home ज़रूर पढ़ें

…अन्यथा हमें नष्ट होने से कोई मंदिर, मस्ज़िद बचा नहीं सकेंगे

टीम अफ़लातून by टीम अफ़लातून
April 17, 2021
in ज़रूर पढ़ें, नज़रिया, सुर्ख़ियों में
A A
Share on FacebookShare on Twitter

एक ओर देश में कोरोना महामारी ने विकराल रूप ले रखा है तो दूसरी ओर कुछ राज्यों में चल रहे चुनावों और कुंभ के मेले में बेलगाम भीड़ किसी प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रही है. ऐसे में क्या हमें मिलकर अपनी प्राथमिकताएं तय नहीं करनी चाहिए? या फिर हम सिर्फ़ मंदिर-मस्ज़िद को लेकर लड़ते रहेंगे? कनुप्रिया के इस नज़रिए पर आपको भी मनन करना चाहिए.

आप और हम देश के क़ब्रिस्तान और श्मशान बन जाने को लेकर रोते रहेंगे, चिताओं की पर्देदारी होती रहेगी, मनुष्य पहले बॉडी, फिर ख़बर और फिर आंकड़ों में बदलते रहेंगे, मगर राजनीति की ज़मीन तो मंदिर और मस्ज़िद पर ही तैयार होगी और उस ज़मीन की खुदाई के आदेश जारी हो गए हैं. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में देश 2020-21की महामारी वाली त्रासदी पर रोना भूलकर ज्ञानवापी मस्ज़िद और काशी विश्वनाथ पर वोट कर रहा होगा.

इन्हें भीपढ़ें

Kul_Devta_Ka_Chunaav

कुलदेवता का चुनाव: भावना प्रकाश की व्यंग्य कथा

May 25, 2026
नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

नई पीढ़ी के क़िस्से – रंगे सियार की कहानी: भावना प्रकाश

April 23, 2026
माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

माँ तुम्हारा चूल्हा: अरुण चन्द्र रॉय की कविता

April 3, 2026
kalpana-lajmi_bhupen-hazarika

रूह की रवायत में लिखा इश्क़: कल्पना और भूपेन हजारिका के प्रेम और समर्पण की अनंत कहानी

March 10, 2026

इतिहास वर्तमान तक की यात्रा को दर्ज़ करता है तो समझ बढ़ाने के लिए, उसे यथासम्भव दृष्टा की तरह देखने की ज़रूरत रहती है, मगर पिछले कई सालों से हम सुबह का इंतज़ार करते हुए भविष्य के सूरज की ओर से पीठ किए हुए, पश्चिम की ओर मुख किए सौइयों सालों पहले बीती रातों का हिसाब-किताब कर रहे है. जब हम कृतघ्न और अहसान फ़रामोश में से क्या बोला जाए, शुक्रिया कहें कि धन्यवाद, मुबारक कहें कि शुभकामना इसी में व्यस्त हैं, वर्तमान विश्व बदल चुका है. टेक्नोलॉजी मनुष्य का विकल्प बन रही है, कॉरपोरेट विश्व संसाधनों पर कब्ज़ा कर खेत में क्या बोया जाएगा और हम अपने घरों में क्या खाएंगे-पिएंगे, जैसी जीने की शर्तें तक तय कर रहा है.

प्रकृति मानव हमले सहते सहते अब रिऐक्शन मोड में आ चुकी है, और इस सदी के बाद तक धरती का तापमान इतना होने वाला है कि आधी जनसंख्या ख़त्म होने के कगार पर बस, आ ही गई समझिए. कोरोना ने भी बता दिया है कि वो भेदभाव नहीं करता, उसने जीवन के लिए ज़रूरी व्यवस्थाओं को बहुत गहरे रेखांकित कर दिया है और भविष्य के लिये बहुत स्पष्ट सन्देश दे दिए हैं.

फिर भी अगर हम नहीं जागते, वर्तमान को देखते हुए भविष्य के ख़तरों को नहीं पहचानते, अपनी मूर्खताओं से सबक़ नही लेते, अपने असल भयों की पहचान नहीं करते तो हमें नष्ट होने से कोई मंदिर मस्ज़िद बचा नहीं सकेंगे.

इन मंदिर मस़्जिदों की खुदाई में इतिहास के मंदिर-मस्ज़िद दफ़्न हैं कि नहीं ये तो नहीं पता, मगर भविष्य के क़ब्रिस्तान और श्मशान ज़रूर छिपे हैं.

फ़ोटो: पिन्टरस्ट

Tags: country environmentcremationdutyfiguresfuneralgraveyardHeadlineshistorykanupriyakovidlast farewellmosquenationnationalitypolitical pawnpoliticspresentpriorityreligiontempleviewsअंतिम विदाईआंकड़ेइतिहासकनुप्रियाक़ब्रिस्तानकर्तव्यकोविडचितादेश का माहौलधर्मनज़रियाप्राथमिकतामंदिरमस्ज़िदराजनीतिराजनैतिक मुहरावर्तमानश्मशानसुर्ख़ियां
टीम अफ़लातून

टीम अफ़लातून

हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.

Related Posts

किताब उत्सव: साहित्य, संगीत और रंगमंच की प्रस्तुतियों के साथ हुआ समापन
सुर्ख़ियों में

किताब उत्सव: साहित्य, संगीत और रंगमंच की प्रस्तुतियों के साथ हुआ समापन

February 11, 2026
धुनों पर गीत लिखना एक रचनात्मक सुविधा: गुलज़ार
सुर्ख़ियों में

धुनों पर गीत लिखना एक रचनात्मक सुविधा: गुलज़ार

February 10, 2026
किताब उत्सव: लोकार्पण, चर्चाओं और रोचक प्रस्तुतियों से भरा तीसरा दिन
सुर्ख़ियों में

किताब उत्सव: लोकार्पण, चर्चाओं और रोचक प्रस्तुतियों से भरा तीसरा दिन

February 9, 2026
Facebook Twitter Instagram Youtube
ओए अफ़लातून

हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.

संपर्क

ईमेल: oye.aflatoon@gmail.com
फ़ोन: +91 9967974469
+91 9967638520

  • About
  • Privacy Policy
  • Terms

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum

No Result
View All Result
  • सुर्ख़ियों में
    • ख़बरें
    • चेहरे
    • नज़रिया
  • हेल्थ
    • डायट
    • फ़िटनेस
    • मेंटल हेल्थ
  • रिलेशनशिप
    • पैरेंटिंग
    • प्यार-परिवार
    • एक्सपर्ट सलाह
  • बुक क्लब
    • क्लासिक कहानियां
    • नई कहानियां
    • कविताएं
    • समीक्षा
  • लाइफ़स्टाइल
    • करियर-मनी
    • ट्रैवल
    • होम डेकोर-अप्लाएंसेस
    • धर्म
  • ज़ायका
    • रेसिपी
    • फ़ूड प्लस
    • न्यूज़-रिव्यूज़
  • ओए हीरो
    • मुलाक़ात
    • शख़्सियत
    • मेरी डायरी
  • ब्यूटी
    • हेयर-स्किन
    • मेकअप मंत्र
    • ब्यूटी न्यूज़
  • फ़ैशन
    • न्यू ट्रेंड्स
    • स्टाइल टिप्स
    • फ़ैशन न्यूज़
  • ओए एंटरटेन्मेंट
    • न्यूज़
    • रिव्यूज़
    • इंटरव्यूज़
    • फ़ीचर
  • वीडियो-पॉडकास्ट
  • लेखक

© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum