अब शाम नहीं होती: डॉ कनकलता तिवारी की कविता
महानगरीय जीवन की आपाधापी में सुबह के बाद अब सीधे रात होने लगी है. खोई हुई इसी शाम की तलाश ...
महानगरीय जीवन की आपाधापी में सुबह के बाद अब सीधे रात होने लगी है. खोई हुई इसी शाम की तलाश ...
एक कवि अपने शब्दों के साथ कितनी ख़ूबसूरती से दृश्यों का तानाबाना बुन सकता है आलोक धन्वा की कविता ‘सफ़ेद ...
आम आदमी की ज़िंदगी को फ़ंटासी से भरे गीतों के बजाय उसी के जीवन के शब्दों में ढालने का काम ...
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना अपनी बाल कविताओं के लिए जाने जाते थे. कविता मेघ आए में उन्होंने आसमान में घिर आए ...
हमारे यहां कहावत है ‘बच्चे-बूढ़े एक जैसे होते हैं.’ दुनिया में आए नए जीव ‘बच्चों’ और दुनिया में कुछ दिनों ...
भारत ही क्या दुनिया के हर समृद्ध कोने के पीछे विस्थापित मज़दूरों की मेहनत है. कवि अरुण चन्द्र रॉय अपनी ...
अपनी प्रेरक कविताओं के लिए जाने जानेवाले कवि शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ की कविता ‘चलना हमारा काम है’ जीवन के सफ़र ...
छायावादी कवि सूर्यकांत निराला की कविता ‘भिक्षुक’ में एक भिक्षुक का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया गया है. भिक्षुक और उसके ...
चर्चित कवयित्री बाबुषा कोहली अपनी इंटेंस प्रेम कविताओं के लिए जानी जाती हैं. प्रस्तुत कविता ‘वहां चार आदमी थे’ उनकी ...
प्यार में तन्हाई का बड़ा महत्व है. तन्हाई ही वो पल होते हैं, जब प्यार अपनी पूरी ताक़त के साथ ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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