फ़िक्शन अफ़लातून: 31 दिन, 15 कहानियां, 4 विजेता
‘फ़िक्शन अफ़लातून’ हिंदी की इस नई वेबसाइट की पहली प्रतियोगिता थी. हम इसे लेकर बेहद उत्साहित थे और आपकी प्रतिक्रियाओं...
हिंदी में स्तरीय और सामयिक आलेखों को हम आपके लिए संजो रहे हैं, ताकि आप अपनी भाषा में लाइफ़स्टाइल से जुड़ी नई बातों को नए नज़रिए से जान और समझ सकें. इस काम में हमें सहयोग करने के लिए डोनेट करें.
‘फ़िक्शन अफ़लातून’ हिंदी की इस नई वेबसाइट की पहली प्रतियोगिता थी. हम इसे लेकर बेहद उत्साहित थे और आपकी प्रतिक्रियाओं...
आजकल बच्चे हों या बड़े, सभी तनाव की शिकायत करते हैं और यह सच्चाई भी है कि तनाव सभी के...
यूं तो हर संजीदा व्यक्ति अपने आसपास के हालात पर नज़र रखता है, हवाओं में मौजूद संदेशों को पढ़ता है...
देश के वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए क्या आपको लगता है कि क़ानून के सामने सभी लोग बराबर हैं? संविधान...
हम एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दो देश रहते हैं. कहानी राजधानी में लेखक...
मां अपने बच्चों के लिए क्या नहीं करती? ख़ासकर जब उसे लगे कि बच्चा कमज़ोर, आवारा और लापरवाह है तो...
सुमित्रानंदन पंत की सबसे ज़्यादा पढ़ी गई कविताओं में एक ‘आ: धरती कितना देती है’ मनुष्य के स्वार्थी और भाग्यवादी...
हमारा दिल भले ही कितना भी सख़्त क्यों न हो जाए, पर शरीर के दूसरे अंगों का संवेनशील होना बताता...
सवाल सीधा है कि क्या ईद पर आपको भी हामिद की याद आ जाती है? यदि आपका जवाब ‘हां’ है...
क्या प्रेम का अन्त कहानियों की तरह विवाह में ही होना आवश्यक है? इस सवाल के इर्दगिर्द बुनी गई एक...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum
© 2022 - 2025 Oyeaflatoon - Managed & Powered by Zwantum